गांगुली पर संन्यास लेने का दबाव था
सौरभ गांगुली के संन्यास का दबाव भारतीय टीम के दूसरे वरिष्ठ खिलाड़ियों पर दिखता है. इनमें कप्तान अनिल कुंबले भी शामिल हैं. मौसम के मिजाज़ पर मेरे ख़ास ध्यान देने की वजह थी नौ अक्टूबर से शुरू होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत होने वाला पहला टेस्ट मैच.
अच्छे मौसम की कामना करता हुआ जब शहर के बीचों-बीच मौजूद चिनास्वमी स्टेडियम में जैसे ही दाखिल हुआ, मीडिया वालों का एक बड़ा हुजूम पैवेलियन के एक छोर से दूसरी ओर भागता हुआ दिखाई पड़ा.
मैं उन्हीं के पीछे हो लिया. गेट नम्बर 20 की तरफ़ पहुँचे तो पता लगा की 'दादा' यानी सौरव गाँगुली अभी भी चुप्पी साधे हुए हैं और वो पत्रकारों से बचते-बचाते प्रक्टिस करने मैदान के भीतर चले गए.
वैसे भी दादा दूसरों को चौंकाने की अपनी फ़ितरत के लिए मशहूर हैं. और मंगलवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान दो-टूक शब्दों में किए गए संन्यास के अपने ऐलान से उन्होंने क्रिकेट जगत में खासी खलबली भी मचा रखी है.
ख़ैर, अपना पास वगैरह बनवा कर मैं भी पैवेलियन के एक भाग में बैठ कर किसी 'शिकार' की तलाश में बैठ गया. पर नतीजा वही, कि हर कोई माइक पर बोलने के लिए तैयार ही नहीं है क्योंकि सबके पास अपने-अपने टीम मैनेजमेंट से नाना प्रकार के दिशा-निर्देश हैं.
गुरु ग्रेग
हाँ, पैवेलियन के हिस्से मैं बैठे-बैठे कुछ नामचीन क्रिकेट हस्तियों के आचरण को बेहद ध्यान से देख सका. ज़ाहिर है सबसे ज़्यादा दिलचस्पी 'गुरु ग्रेग' यानी ग्रेग चैपल में ही रही. ये वही ग्रेग हैं जो अभी कुछ समय पहले ही भारतीय टीम के पहले विदेशी कोच हुआ करते थे.
और ये वही ग्रेग हैं जिनके कार्यकाल में सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण जैसे धुरंधर कुछ समय के लिए टीम से बाहर कर दिए गए थे और यहाँ तक की गांगुली की कप्तानी जाती रही थी.
गुरु ग्रेग इस बार टीम ऑस्ट्रेलिया के सहायक कोच की हैसियत से आए हैं और उन्हें मैदान के कई हिस्सों में रिकी पॉन्टिंग की टीम को गुर सिखाते हुए भी देखा गया. चैपल इस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ आए हैं
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंन्टिंग ने बाद में जब पत्रकारों से बात की तो कहा भी, "हालाँकि हमें ये नहीं पता था की इस नए किरदार में ग्रेग हमारे साथ भारत का ही दौरा करेंगे पर उनके साथ होने से पूरी टीम को फायदा मिल रहा है क्योंकि चैपल हमें ऐसा बहुत कुछ बता रहे हैं जो बहुत से युवा खिलाड़ी नहीं जानते."
वैसे ग्रेग के अलावा और तमाम खिलाड़ियों ने जब दोपहर बाद अपनी नेट प्रैक्टिस ख़त्म की, तब तक पैवेलियन की पहली मंज़िल पर बेहतरीन खाना तैयार था और लगभग सभी खिलाड़ियों को नापा-तुला लेकिन बेहद ज़ायेकेदार भारतीय व्यंजन खाते ज़रूर देखा गया.
ग़ौरतलब है कि भोजन के दौरान रिकी पोंन्टिंग ड्रेसिंग रूम में बैठ कर अपने किट-बैग में से तमाम बैट बहार निकाल कर उनका मुआयना कर रहे थे. और करें भी क्यों न, भारत में खेले अपनी चौदह पारियों में सिर्फ़ बारह रन प्रति पारी का औसत जो है पोंन्टिंग का!
वैसे भारतीय कप्तान अनिल कुंबले थोड़े चिंतित ज़रूर नज़र आ रहे थे क्योंकि अब जब गांगुली ने संन्यास की घोषणा कर ही दी है, तो लक्ष्मण और द्रविड़ सरीखे दिग्गज खिलाड़ियों पर और ख़ुद उन पर अच्छा प्रदर्शन कर अपनी-अपनी जगह बचाए रखने का दबाव तो स्वाभाविक तौर पर है ही.
अच्छे मौसम की कामना करता हुआ जब शहर के बीचों-बीच मौजूद चिनास्वमी स्टेडियम में जैसे ही दाखिल हुआ, मीडिया वालों का एक बड़ा हुजूम पैवेलियन के एक छोर से दूसरी ओर भागता हुआ दिखाई पड़ा.
मैं उन्हीं के पीछे हो लिया. गेट नम्बर 20 की तरफ़ पहुँचे तो पता लगा की 'दादा' यानी सौरव गाँगुली अभी भी चुप्पी साधे हुए हैं और वो पत्रकारों से बचते-बचाते प्रक्टिस करने मैदान के भीतर चले गए.
वैसे भी दादा दूसरों को चौंकाने की अपनी फ़ितरत के लिए मशहूर हैं. और मंगलवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान दो-टूक शब्दों में किए गए संन्यास के अपने ऐलान से उन्होंने क्रिकेट जगत में खासी खलबली भी मचा रखी है.
ख़ैर, अपना पास वगैरह बनवा कर मैं भी पैवेलियन के एक भाग में बैठ कर किसी 'शिकार' की तलाश में बैठ गया. पर नतीजा वही, कि हर कोई माइक पर बोलने के लिए तैयार ही नहीं है क्योंकि सबके पास अपने-अपने टीम मैनेजमेंट से नाना प्रकार के दिशा-निर्देश हैं.
गुरु ग्रेग
हाँ, पैवेलियन के हिस्से मैं बैठे-बैठे कुछ नामचीन क्रिकेट हस्तियों के आचरण को बेहद ध्यान से देख सका. ज़ाहिर है सबसे ज़्यादा दिलचस्पी 'गुरु ग्रेग' यानी ग्रेग चैपल में ही रही. ये वही ग्रेग हैं जो अभी कुछ समय पहले ही भारतीय टीम के पहले विदेशी कोच हुआ करते थे.
और ये वही ग्रेग हैं जिनके कार्यकाल में सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण जैसे धुरंधर कुछ समय के लिए टीम से बाहर कर दिए गए थे और यहाँ तक की गांगुली की कप्तानी जाती रही थी.
गुरु ग्रेग इस बार टीम ऑस्ट्रेलिया के सहायक कोच की हैसियत से आए हैं और उन्हें मैदान के कई हिस्सों में रिकी पॉन्टिंग की टीम को गुर सिखाते हुए भी देखा गया. चैपल इस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ आए हैं
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंन्टिंग ने बाद में जब पत्रकारों से बात की तो कहा भी, "हालाँकि हमें ये नहीं पता था की इस नए किरदार में ग्रेग हमारे साथ भारत का ही दौरा करेंगे पर उनके साथ होने से पूरी टीम को फायदा मिल रहा है क्योंकि चैपल हमें ऐसा बहुत कुछ बता रहे हैं जो बहुत से युवा खिलाड़ी नहीं जानते."
वैसे ग्रेग के अलावा और तमाम खिलाड़ियों ने जब दोपहर बाद अपनी नेट प्रैक्टिस ख़त्म की, तब तक पैवेलियन की पहली मंज़िल पर बेहतरीन खाना तैयार था और लगभग सभी खिलाड़ियों को नापा-तुला लेकिन बेहद ज़ायेकेदार भारतीय व्यंजन खाते ज़रूर देखा गया.
ग़ौरतलब है कि भोजन के दौरान रिकी पोंन्टिंग ड्रेसिंग रूम में बैठ कर अपने किट-बैग में से तमाम बैट बहार निकाल कर उनका मुआयना कर रहे थे. और करें भी क्यों न, भारत में खेले अपनी चौदह पारियों में सिर्फ़ बारह रन प्रति पारी का औसत जो है पोंन्टिंग का!
वैसे भारतीय कप्तान अनिल कुंबले थोड़े चिंतित ज़रूर नज़र आ रहे थे क्योंकि अब जब गांगुली ने संन्यास की घोषणा कर ही दी है, तो लक्ष्मण और द्रविड़ सरीखे दिग्गज खिलाड़ियों पर और ख़ुद उन पर अच्छा प्रदर्शन कर अपनी-अपनी जगह बचाए रखने का दबाव तो स्वाभाविक तौर पर है ही.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:20 [IST]
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