धर्मशाला। भारत में क्रिकेट के दीवानगी किस कदर है इसका अंदाजा इसी से लगाया जाता है कि लोग भारत की हार की वजह से खाना-पीना तक छोड़ देते हैं, लोगभारत की जीत के लिए हवन-पूजा तक कराते हैं। लोगों की दीवानगी क्रिकेट के लिए कम या ज्यादा होती रही लेकिन इन सब के बीच यकीनन अखबरों और टीवी चैनल्स की एक हेडलाइन जो कभी नहीं बदली है वो है बाउंसी पिचों पर भारतीय टीम की कड़ी परीक्षा या उछाल भरी पिचें भारत के लिए बन सकती हैं मुसीबत का सबब।
कई दशक हो गय लेकिन आज भी उछाल भरी पिचों की मुसीबत से भारत का पल्ला नहीं छूट रहा। आज भी भारतीय टीम के बल्लेबाजों के लिए उछाल भरी पिचें पर रनों के लिए जूझते नजर आते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे वनडे के लिए भारतीय टीम को एक बार फिर से उछाल भरी पिच पर अपने आपको साबित करना है। धर्मशाला मैदान के मुख्य क्यूरेटर सुनील चौहान मैदान का कहना है कि पिच में बाउंस है और तेज गेंदबाजों को मदद करेगी।
सीरीज 1-1 से बराबरी पर है ऐसे में भारत के लिए सीरीज को में बने रहना बड़ी चुनौती होगी। पिच के मिजाज को ध्यान में रखते हुए रविंद्र जडेजा और अमित मिश्रा की स्पिन जोड़ी आराम दिया जा सकता है, कप्तान धोनी चार तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकते हैं। ऐसे में कयास ये भी लगाये जा रहे हैं कि लेग स्पिनर अमित मिश्रा की जगह इशांत शर्मा को टीम में जगह मिल सकती है।
टीम इंडिया
महेंद्र सिंह धोनी(कप्तान), शिखर धवन, अजिंक्या रहाने, विराट कोहली, सुरेश रैना, अंबाती रायडू, रवींद्र जडेजा, अमित मिश्रा, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, उमेश यादव, मुरली विजय, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल।