
शीतल होंगी कैप्टन
यहाँ पहले राष्ट्रीय रिकॉर्ड के लिये अधिकतम लोग मिलकर एक घंटे में कई बार जम्प करेंगे जबकि दूसरा राष्ट्रीय रिकॉर्ड होगा जिसमें ६/१२ घंटो या एक दिन में एक ग्रुप मिलकर जम्प लगायेगा खास बा यह है कि सभी स्काई डाइवर उद्यमी है और पहली बार जम्प करेंगे ।

23 अगस्त को रवाना होंगी स्पेन
अब वह एक नये विश्व और दो राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने के लिये 23 अगस्त को स्पेन जा रही है जहां 85भारतीय मिलकर एक दिन में किसी विदेश में स्काई डाइव करेंगे यह विश्व रिकॉर्ड होगा । विश्व रिकॉर्ड वाली जंप में शीतल भी होंगी यह पूरा ग्रुप उनकी ही देख रेख में जम्प करेगा।

2011 में मिला पदमश्री
उसके बाद शीतल ने ११ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाये २०११ में पदमश्री अवार्ड मिलने से पहले वह तमाम अवार्ड अपने नाम कर चुकी थी।

19 वर्ष की आयु में पहली जंप
जिस खेल में शीतल पारंगत है उसका नाम है स्काई डाइविंग, क्या कोई यकींन कर सकता है कि जिस लड़की ने १९ साल की उम्र में अपनी पहली जम्प लगाई थी सबसे दुर्गम स्थान पर जिसे नार्थ पोल कहते है। जम्प से पहले पैराशूट भी शीतल ने हिंदी फिल्मों या फोटो में ही देखा था।

नॉर्थ पोल के डर के आगे मिली शीतल को जीत
तब एक छोटे से बर्फ के टुकड़े पर उन्हें उतरना था क्यों कि बर्फ लगातार टूट रही थी ऊपर से पैराशूट खुला तो वो भी फटा था लेकिन कुछ सेकेण्ड में ही उन्हें आभास हो गया कि उसकी डिजाइन ही ऐसी थी लेकिन जब तक वो दूसरा पैराशूट खोल चुकी थी अब यह डर था कि दोनों आपस में उलझ न जाये तब दूसरे पैराशूट को पैरों में दबा कर भगवान का नाम लेकर जम्प पूरी की।

हासिल की नई उपलब्धियां
शायद बहुत लोग पुणे की शीतल महाजन को नही जानते होंगे क्योंकि जिस खेल के लिये उन्हें पदमश्री मिला हैं वो भारत में खेले जाने वाले प्रसिद्ध खेलों में शुमार नहीं है लेकिन इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है कि उनकी उपलब्धि किसी से कम है।

पिता ने रखा घर तक गिरवी
चारों तरफ बर्फ के बीच 18 अप्रैल 2004 को माइनस 37 डिग्री में 24000 फिट से जब शीतल ने अपनी पहली जम्प लगा कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था तब उन्हें पता नहीं था की वो जिन्दा भी लौटेंगी कि नहीं। इस जम्प के लिए शीतल के पिताजी ने घर तक गिरवी रख दिया था। शायद जुनून इसी को कहते है।

अगला लक्ष्य साउथ पोल
उस जम्प के बाद तो उनका हौसला बढ़ता ही गया और उन्होंने फिर मुड़ कर पीछे नहीं देखा लेकिन जम्प सभी ऐसी लगाईं जो किसी भी खिलाडी के लिए बहुत कठिन थी उनकी अगली जम्प साउथ पोल में थी जिसे अंटार्टिका कहते हैं।

माइनस 38 डिग्री में 11500 फीट से छलांग
अंटार्टिका दुनिया की ऐसी जगह है जहां कोई जाना ही नहीं चाहता माइनस 38 डिग्री में 15 दिसम्बर 2006 में 11500 फिट से जब उन्होंने जम्प लगाई थी लेकिन तब तक शीतल इस जम्प से दो और विश्व रिकॉर्ड बना चुकी थी, एक था पहली महिला जिसने फ्री पैराशूट जम्प लगाई दूसरा था कि पहली महिला जिसने नार्थ पोल और साउथ पोल दोनों जगह से जम्प लगाईं ।

माउंट एवरेस्ट से छलांग लगाने का सपना
शीतल स्पेन से आने के बाद अगले विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में जुट जायेंगी अक्टूबर में वह माउंट एवरेस्ट के बेस केम्प तक जायेंगी और अगले वर्ष उनकी तमन्ना माउंट एवरेस्ट से जम्प लगाकर पहली महिला का विश्व रिकॉर्ड बनाने की हैं।


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