'कॉमनवेल्‍थ में चमकेंगे भारतीय पहलवान'
जम्मू, 7 अक्तूबर: बीजिंग ओलंपिक में भारत के लिए कुश्ती में कांस्य पदक लाने वाले पहलवान सुशील कुमार अब भावी पहलवानों को टिप्स दे रहे हैं। सुशील का कहना है कि यदि सभी पहलवान पूरी लगन के साथ मेहनत करते रहे तो 2010 के कॉमनवेल्थ्ा खेलों में भारतीय पहलवान कुश्ती में सबसे ज्यादा स्वर्ण पदक लायेंगे।
यहां आयोजित एक सम्मान समारोह में शामिल हुए सुशील ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। इस मौके पर जम्मू के कटरा में आयोजित इस समारोह में इंडियन स्टाइल रेसलिंग एसोसिएशन ने सुशील कुमार को 51,000 रुपए और चांदी के स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया।
पत्रकारों से बातचीत में सुशील ने कहा कि कॉमनवेल्थ खेलों में कुश्ती के करीब 21 स्वर्ण पदक हैं, जिसमें भारत का लक्ष्य कम से कम पंद्रह स्वर्ण पदक जीतना होगा। इसके अलावा लंदन ओलंपिक के स्वर्ण पदक पर भी सुशील की निगाहें अभी से लग गई हैं। सुशील ने कहा कि ओलंपिक का स्वर्ण पदक उनका सपना है, और उन्हें यकीन है कि वो जरूर पूरा होगा।
सरकार के प्रयासों पर सुशील ने कहा कि सरकार कॉमनवेल्थ खेलों पर ध्यान दे रही है। इस दिशा में ट्रेनिंग अभी से शुरू हो गई है। इसके अंतर्गत सोनीपत में हाल ही में एक विशेष शिविर का भी आयोजन किया गया था।
सुशील ने कहा कि बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने का सबसे बड़ा लाभ यह मिला है कि लोग अब कुश्ती में दिलचस्पी लेने लगे हैं। यह खेल भी लोकप्रिया हुआ है। सुशील कुमार ने कहा कि देश के लिए अच्छे पहलवान तैयार करने के लिए युवा पहलवानों को विशेष कोचिंग देने की जरूरत है। देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उसे निखारने की जरूरत है।
इंडो-पाक मिशन दोस्ती कुश्ती प्रतियोगिता पर सुशील ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को करीब लाने का यह एक बहुत अच्छे प्रयास हैं। इससे दोनों देशों में खेल को भी बढ़ावा मिलेगा।
यहां आयोजित एक सम्मान समारोह में शामिल हुए सुशील ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। इस मौके पर जम्मू के कटरा में आयोजित इस समारोह में इंडियन स्टाइल रेसलिंग एसोसिएशन ने सुशील कुमार को 51,000 रुपए और चांदी के स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया।
पत्रकारों से बातचीत में सुशील ने कहा कि कॉमनवेल्थ खेलों में कुश्ती के करीब 21 स्वर्ण पदक हैं, जिसमें भारत का लक्ष्य कम से कम पंद्रह स्वर्ण पदक जीतना होगा। इसके अलावा लंदन ओलंपिक के स्वर्ण पदक पर भी सुशील की निगाहें अभी से लग गई हैं। सुशील ने कहा कि ओलंपिक का स्वर्ण पदक उनका सपना है, और उन्हें यकीन है कि वो जरूर पूरा होगा।
सरकार के प्रयासों पर सुशील ने कहा कि सरकार कॉमनवेल्थ खेलों पर ध्यान दे रही है। इस दिशा में ट्रेनिंग अभी से शुरू हो गई है। इसके अंतर्गत सोनीपत में हाल ही में एक विशेष शिविर का भी आयोजन किया गया था।
सुशील ने कहा कि बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने का सबसे बड़ा लाभ यह मिला है कि लोग अब कुश्ती में दिलचस्पी लेने लगे हैं। यह खेल भी लोकप्रिया हुआ है। सुशील कुमार ने कहा कि देश के लिए अच्छे पहलवान तैयार करने के लिए युवा पहलवानों को विशेष कोचिंग देने की जरूरत है। देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उसे निखारने की जरूरत है।
इंडो-पाक मिशन दोस्ती कुश्ती प्रतियोगिता पर सुशील ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को करीब लाने का यह एक बहुत अच्छे प्रयास हैं। इससे दोनों देशों में खेल को भी बढ़ावा मिलेगा।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 13:04 [IST]
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