अश्निन को याद आया ऑस्ट्रेलिया में मुश्किल बायो-बबल, साझा किया अनुभव
अहमदाबाद। कोरोना काल में एक बार फिर से क्रिकेट शुरू होने क्रिकेट प्रशंसकों के चेहरे पर मुस्कान आई है, लेकिन खिलाड़ियों को इस दौरा सख्त बायो बबल में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम को बहुत सख्त बायो बबल का पालन करना पड़ा, यहां तक कि स्वच्छ हवा के लिए टीम के खिलाड़ियों को तरसना पड़ा। टीम इंडिया के स्टार रविचंद्रन अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया के दौरे के दौरान किस तरह से मुश्किल बायो बबल का सामना किया, उसको लेकर खुलकर बात की है।
ताजी हवा के लिए तरसे
अश्विन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान हमे जो कुछ भी थोड़ा-बहुत मुहैया कराया गया उसी में गुजारा करना था, कभी-कभी होटल काफी दम घुटने वाले होते हैं, आपको ताजा हवा तक नहीं मिलती है। ऑस्ट्रेलिया में ऐसी भी स्थिति देखने को मिली जब कमरे की खिड़की पर तक नहीं खुलती थी और ऐसा करने पर आपको मुश्किल का सामना करना पड़ सकता था। ऐसे मुश्किल समय में बातचीत आसान नहीं थी, खासकर की जब आप बाहर हों।
मुश्किल था ऑस्ट्रेलिया दौरा
अश्विन ने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया हो या फिर कोई और, समय गुजर जाता है,लेकिन हर चीज का जवाब मिलने में समय लगता है। कई बार टीम मैनेजमेंट ने चीजों को सुलझाने की कोशिश की और खिलाड़ियों के लिए जो बेहतर हो उसे मुहैया कराने की कोशिश की। लेकिन ये ऐसी चीजें हैं जिनसे हमे ऐसे हालात में लड़ने की कोशिश करनी है क्योंकि हमे प्रोटोकॉल का पालन करना होता है। हर चीज को सैनिटाइट करना होता था, सुरक्षा बहुत जरूरी है।
बायो बबल का लुत्फ ले रहा
मौजूदा समय में बायो बबल में खेल रहे अश्विन ने कहा कि कोई भी बायो बबल को तोड़ना नहीं चाहता है। आप ज्यादा से ज्यादा खेलना चाहते हैं। पिछले 8 महीने मुश्किल भरे रहे हैं, लेकिन टीम का हौसला और इरादे बुलंद हैं, इस तरह का अनुभव मैंने कभी महसूस नहीं किया। हम एक दूसरे को समझने की कोशिश कर रहे हैं और लोगों को मौका दे रहे हैं कि वो हमे समझें। बायो बबल ऐसा है जिसका अब मैंने लुत्फ उठाना शुरू कर दिया है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं टीम के अपने खिलाड़िों के साथ कभी इतना समय बिता पाऊंगा।
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