ओलंपिक में ड्रग टेस्ट पर चिंता
बीबीसी को संकेत मिले हैं कि प्रयोगशालाएँ खिलाड़ियों के ख़ून में शक्तिवर्धक दवा ईपीओ के पाए जाने पर भी नकारात्मक नतीजे दे रही हैं. कुछ नमूनों को संदेहास्पद बताया गया. इससे यह आशंका बढ़ती है कि धोखाधड़ी करने वालों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
स्पोर्ट्स ड्रग के एक विशेषज्ञ ने बीबीसी को बताया कि ओलंपिक खेलों के अंतिम दौर में पहुँचने वाले अनेक खिलाड़ी ईपीओ का इस्तेमाल करेंगे. इस दवा का नकली संस्करण इंटरनेट पर मात्र 50 डॉलर में उपलब्ध है और विशेषज्ञों का कहना है कि इन दवाओं का पता आसानी से नहीं लगाया जा सकता.
अदालतों में चुनौती
हालांकि ईपीओ का पता लगाने के लिए वर्ष 2000 में हुए सिडनी ओलंपिक खेलों में एक नया टेस्ट शुरू किया गया था लेकिन खिलाड़ियों ने बड़ी संख्या में इन परिणामों को अदालतों में चुनौती दी थी.
अमरीका की मेरियन जोंस के पहले नमूने का परिणाम पॉज़िटिव आया जबकि दूसरे या 'बी' टेस्ट में उन्हें बरी कर दिया गया. मेरियन जोंस को प्रतिबंधित दवाएं लेने के लिए बाद में सज़ा दी गई
इसकी प्रतिक्रिया में 2004 में वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी यानी वाडा (डब्ल्यूएडीए) ने ईपीओ पॉज़िटिव घोषित किये जाने के मानदंड और कड़े कर दिए. अंतरराष्ट्रीय स्की फ़ेडरेशन और एस्टाना साइक्लिंग टीम के लिए एंटी डोपिंग कार्यक्रम चलाने वाले डॉ रेस्मस डेम्सगार्ड कहते हैं कि उनके पास इस बात के ठोस सबूत हैं कि ईपीओ के पॉज़िटिव टेस्ट को निगेटिव या संदेहास्पद घोषित कर दिया गया.
धोखाधड़ी
इस साल में पहले उन्होंने वाडा प्रयोगशाला को जाँच के लिए पाँच स्की खिलाड़ियों के नमूने भेजे थे. उन सभी के परिणाम निगेटिव पाए गए लेकिन जब डॉ रेस्मस डेम्सगार्ड ने उनसे वह जैल या इलैक्ट्रॉनिक प्रिंट माँगे जिनके आधार पर परिणाम घोषित किया गया था तो वे यह देखकर दंग रह गए कि इन नमूनों में उनके मानदंडों के अनुसार ईपीओ के प्रयोग के स्पष्ट संकेत थे.
उन्होंने कहा, "मैंने देखा कि उन नमूनों को इसलिए निगेटिव घोषित किया गया क्योंकि वे पॉज़टिव होने के वाडा के मानदंडों को पूरा नहीं करते थे. हालांकि वे संदेहास्पद लग रहे थे और उनमें प्राकृतिक धारियाँ नहीं थीं. उन्हें अभी तक निगेटिव ही घोषित किया गया है."
डॉ डेम्सगार्ड मानते हैं कि वाडा की प्रयोगशालाओं में ऐसे अनेक नमूने होंगे. वे कहते हैं, "खून के बहुत से नमूनों में मैंने पाँच को पॉज़िटिव पाया लेकिन मुझे लगता है कि इनकी संख्या सैकड़ों में होगी. हो सकता है कि वाडा की प्रयोगशालाओं में हज़ारों ऐसे नमूने पड़े होंगे जो ईपीओ पॉज़िटिव होंगे."
क्या बीजिंग में होने वाले टेस्ट काफ़ी हैं?
ऐसा सोचने वाले वे अकेले ही नहीं हैं. प्रमुख एंटी डोपिंग विशेषज्ञ और पूर्व आईओसी ओलंपिक पुरस्कार विजेता प्रोफ़ेसर बेंग्ट सेल्टिन कहते हैं कि वाडा के नए मानदंड ईपीओ प्रयोग करने वाले ज़्यादातर धोखेबाज़ों को बचाए रखते हैं.
घटती संख्या
उन्होंने कहा, "इससे मुझे बहुत दुख हुआ है क्योंकि मैंने बहुत से संदेहास्पद नमूने देखे हैं जो स्पष्ट रूप से सही नहीं हैं लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ी बच जाते हैं. कोई भी देख सकता है कि पिछले दिनों ईपीओ प्रयोग करने वाले कितने लोगों को पकड़ा गया है.
दरअसल, ईपीओ के प्रयोग के कारण सज़ा दिए जाने वाले खिलाड़ियों की संख्या उल्लेखनीय रूप से निरंतर कम हो रही है. 2003 और 2006 के बीच यह संख्या दो तिहाई घट गई है.
वाडा के साइंस निदेशक डॉ ओलिवर रेबिन इस बारे में पूरी तरह निश्चिंत हैं. वे बीबीसी से कहते हैं, "हाँ मैं पूरे भरोसे से कह सकता हूँ कि हम धोखाधड़ी करने वाले सभी खिलाड़ियों को पकड़ लेंगे."
स्पोर्ट्स ड्रग के एक विशेषज्ञ ने बीबीसी को बताया कि ओलंपिक खेलों के अंतिम दौर में पहुँचने वाले अनेक खिलाड़ी ईपीओ का इस्तेमाल करेंगे. इस दवा का नकली संस्करण इंटरनेट पर मात्र 50 डॉलर में उपलब्ध है और विशेषज्ञों का कहना है कि इन दवाओं का पता आसानी से नहीं लगाया जा सकता.
अदालतों में चुनौती
हालांकि ईपीओ का पता लगाने के लिए वर्ष 2000 में हुए सिडनी ओलंपिक खेलों में एक नया टेस्ट शुरू किया गया था लेकिन खिलाड़ियों ने बड़ी संख्या में इन परिणामों को अदालतों में चुनौती दी थी.
अमरीका की मेरियन जोंस के पहले नमूने का परिणाम पॉज़िटिव आया जबकि दूसरे या 'बी' टेस्ट में उन्हें बरी कर दिया गया. मेरियन जोंस को प्रतिबंधित दवाएं लेने के लिए बाद में सज़ा दी गई
इसकी प्रतिक्रिया में 2004 में वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी यानी वाडा (डब्ल्यूएडीए) ने ईपीओ पॉज़िटिव घोषित किये जाने के मानदंड और कड़े कर दिए. अंतरराष्ट्रीय स्की फ़ेडरेशन और एस्टाना साइक्लिंग टीम के लिए एंटी डोपिंग कार्यक्रम चलाने वाले डॉ रेस्मस डेम्सगार्ड कहते हैं कि उनके पास इस बात के ठोस सबूत हैं कि ईपीओ के पॉज़िटिव टेस्ट को निगेटिव या संदेहास्पद घोषित कर दिया गया.
धोखाधड़ी
इस साल में पहले उन्होंने वाडा प्रयोगशाला को जाँच के लिए पाँच स्की खिलाड़ियों के नमूने भेजे थे. उन सभी के परिणाम निगेटिव पाए गए लेकिन जब डॉ रेस्मस डेम्सगार्ड ने उनसे वह जैल या इलैक्ट्रॉनिक प्रिंट माँगे जिनके आधार पर परिणाम घोषित किया गया था तो वे यह देखकर दंग रह गए कि इन नमूनों में उनके मानदंडों के अनुसार ईपीओ के प्रयोग के स्पष्ट संकेत थे.
उन्होंने कहा, "मैंने देखा कि उन नमूनों को इसलिए निगेटिव घोषित किया गया क्योंकि वे पॉज़टिव होने के वाडा के मानदंडों को पूरा नहीं करते थे. हालांकि वे संदेहास्पद लग रहे थे और उनमें प्राकृतिक धारियाँ नहीं थीं. उन्हें अभी तक निगेटिव ही घोषित किया गया है."
डॉ डेम्सगार्ड मानते हैं कि वाडा की प्रयोगशालाओं में ऐसे अनेक नमूने होंगे. वे कहते हैं, "खून के बहुत से नमूनों में मैंने पाँच को पॉज़िटिव पाया लेकिन मुझे लगता है कि इनकी संख्या सैकड़ों में होगी. हो सकता है कि वाडा की प्रयोगशालाओं में हज़ारों ऐसे नमूने पड़े होंगे जो ईपीओ पॉज़िटिव होंगे."
क्या बीजिंग में होने वाले टेस्ट काफ़ी हैं?
ऐसा सोचने वाले वे अकेले ही नहीं हैं. प्रमुख एंटी डोपिंग विशेषज्ञ और पूर्व आईओसी ओलंपिक पुरस्कार विजेता प्रोफ़ेसर बेंग्ट सेल्टिन कहते हैं कि वाडा के नए मानदंड ईपीओ प्रयोग करने वाले ज़्यादातर धोखेबाज़ों को बचाए रखते हैं.
घटती संख्या
उन्होंने कहा, "इससे मुझे बहुत दुख हुआ है क्योंकि मैंने बहुत से संदेहास्पद नमूने देखे हैं जो स्पष्ट रूप से सही नहीं हैं लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ी बच जाते हैं. कोई भी देख सकता है कि पिछले दिनों ईपीओ प्रयोग करने वाले कितने लोगों को पकड़ा गया है.
दरअसल, ईपीओ के प्रयोग के कारण सज़ा दिए जाने वाले खिलाड़ियों की संख्या उल्लेखनीय रूप से निरंतर कम हो रही है. 2003 और 2006 के बीच यह संख्या दो तिहाई घट गई है.
वाडा के साइंस निदेशक डॉ ओलिवर रेबिन इस बारे में पूरी तरह निश्चिंत हैं. वे बीबीसी से कहते हैं, "हाँ मैं पूरे भरोसे से कह सकता हूँ कि हम धोखाधड़ी करने वाले सभी खिलाड़ियों को पकड़ लेंगे."
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 13:05 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Log in for Better Reading Experience!
By signing in, you agree to our Terms and Privacy Policy
Gender
Select your Gender
- Male
- Female
- Others
Age
Select your Age Range
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
