Tokyo Olympics: हार के बाद भी भवानी देवी को आने वाली पीढ़ियां करेंगी याद
टोक्यो, 26 जुलाई। ओलंपिक के इतिहास में पहली बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने देश का प्रतिनिधित्व किया। भवानी देवी पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं जिन्होंने ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया, वो ना सिर्फ ओलंपिक के लिए क्वालिफाई हुईं बल्कि पहले मैच में जीत भी दर्ज की। अपने दूसरे मुकाबले में वह दुनिया की नंबर 3 रैंकिंग की खिलाड़ी के हाथों हार गईं। लेकिन इस हार के बावजूद उनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। दिलचस्प बात यह है कि भवानी ने स्कूल में तलवारबाजी को सिर्फ इसलिए चुना था क्योंकि बाकी के खेल में जगह भर गई थी और सिर्फ तलवारबाजी में ही जगह खाली थी। लेकिन बावजूद इसके भवानी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया।
भवानी देवी को फ्रांस की मैनन ब्रूनेट के हाथो 15-6 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भवानी देवी का टोक्यो ओलंपिक में सफर खत्म हो गया। लेकिन इस मैच से पहले भवानी देवी ने ट्यूनीशिया की बेन अजीजी नादिया को महज 6 मिनट के भीतर मात दे दी थी। भवानी देवी ने अजीजी को 15-3 से मात देकर दूसरे राउंड में अपनी जगह बनाई थी। बता दें कि भवानी की वर्ल्ड रैंकिंग 42 है जबकि नादिया की रैंकिंग 384 थी। भवानी ने पहले हाफ में लगातार 8 अंक हासिल किए थे और अजीजी को एक भी अंक नहीं लेने दिए थे।
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