बुआ से मिलना चाहते हैं सुरेश रैना, बोले- उनकी देखभाल करना मेरी जिम्मेदारी है
नई दिल्ली। आरोपी अभी भी फरार हैं जिन्होंने क्रिकेटर सुरेश रैना के परिवार को एक ऐसा सदमा दिया जो कभी ना भुलाया जा सकेगा। 19 अगस्त की रात को कुछ अज्ञात लोगों ने रैना की बुआ के घर में हमला बोल दिया और तेजधार हथियारों से सभी सदस्यों पर हमला किया। इसमें रैना के फुफा अशोक कुमार की माैत हो गई, जबकि उनके घायल बेटे कौशल ने सोमवार को अस्पातल में आखिरी सांस ली। रैना यूएई से भारत लाैट आए हैं। उन्होंने इस हमले पर बेहद दुख प्रकट किया और वह अब अपनी बुआ के साथ जल्द मिलना चाहते हैं जो गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।

देखभाल के लिए आना चाहते हैं पठानकोट
रैना ने क्रिकबज से बात करते हुए बुआ से जल्द मिलने की उम्मीद जताई है जो पंजाब के पठानकोट में रहती हैं। रैना ने कहा, ''पठानकोट की घटना भयानक थी और वास्तव में हमारे परिवार में सभी के लिए बहुत परेशान करने वाली है। और वापस आकर उनकी देखभाल करना मेरी जिम्मेदारी थी। लेकिन जब से मैं लौटा हूं, मैं यहां संगरोध में हूं। इसलिए, मुझे अभी भी अपने माता-पिता से मिलने जाना है और मेरे बुआ बड़े संकट में हैं।''

सुरक्षा देने को तैयार है पंजाब सरकार
वहीं मंगलवार को रैना ने ट्वीट करते हुए पंजाब सरकार से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की थी। पंजाब सरकार के प्रवक्ता राजकुमार वेरका ने रैना का ट्वीट सामने आने के बाद कहा था कि अगर वे पंजाब में अपने परिवार से मिलने आते हैं तो उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाएगी। प्रवक्ता ने कहा, ''रैना के ट्वीट सामने आने के बाद ये पूरा मामला पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के संज्ञान में है और पठानकोट पुलिस को जल्द से जल्द हत्यारों को पकड़ने के निर्देश भी सीएम ऑफिस की तरफ से दिए गए हैं। रैना अगर पंजाब में अपने परिवार से मिलने आएंगे तो उन्हें भी सुरक्षा दी जाएगी और उनकी बुआ के परिवार को भी सुरक्षा देने के निर्देश पठानकोट के एसएसपी को दिए गए हैं। रैना पंजाब पुलिस और सरकार पर विश्वास बना रखें। जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।''

जांच के लिए एसआईटी का गठन किया
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंद्र सिंह के आदेश पर क्रिकेटर सुरेश रैना के रिश्तेदारों पर हुए हमले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जो व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी भी कर रहे हैं। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने आश्वासन दिलाया है कि आरोपी जल्द गिरफ्त में होंगे। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि इस हमले में डी-नोटिफाइड आपराधी शामिल हो सकते हैं, जिन्हें अक्सर पंजाब-हिमाचल सीमा पर गतिविधियां करते देखा जाता है। फिलहाल एसआईटी सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है। मामले की 24X7 जांच कराने के लिए संगठित अपराध नियंत्रण इकाई की विशेष टीमों को भी शामिल किया गया है।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
