Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block

जब पर्रिकर की एक मदद ने बदलकर रख दिया था तेजस्विनी सावंत का करियर

नई दिल्ली। खेल और राजनीति दो अलग-अलग दुनिया की चीजें हैं लेकिन जब खेल में राजनीति होने लगे तो सब उलट-पुलट हो जाता है तो वहीं जब राजनीति में खेल हो जाए अर्थात खेलों को तवज्जों दी जाए तो देश के खिलाड़ियों का भला होता है। कुछ ऐसी ही कहानी है शूटर तेजस्विनी सावंत की जिनकी मदद गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और रविवार को दिवंगत हुए नेता मनोहर पर्रिकर ने की थी। अपनी सादगी के लिए राजनीति में असली आम आदमी होने के प्रतीक बन चुके पर्रिकर से जुड़ा यह किस्सा खुद शूटर तेजस्विनी ने शेयर किया है।

जब कोई नहीं था तब पर्रिकर ने की मदद-

जब कोई नहीं था तब पर्रिकर ने की मदद-

ये उस समय की बात है जब तेजस्विनी की उम्र की भी कम थी और वे लोगों के बीच खास चर्चित भी नहीं थी। ऐसे में उनको जर्मनी में विश्व शूटिंग चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए तत्काल आर्थिक मदद की जरूरत थी। उस समय उनकी मदद के लिए और कोई नहीं बल्कि मनोहर पर्रिकर सामने आए थे। महाराष्ट्र के कोल्हापुर से आने वाली इस खिलाड़ी के लिए यह मदद ना केवल निर्णायक साबित हुई बल्कि उसके बाद उनहोंने अपने खेल करियर में नया मुकाम भी बनाया।

पर्रिकर के जाने के बाद अफसोस में सावंत-

पर्रिकर के जाने के बाद अफसोस में सावंत-

आज जब पर्रिकर हम सबके बीच में नहीं है तो सावंत को इस बात का अफसोस जरूर है कि वो ठीक से उनका धन्यवाद भी नहीं दे पाई। उन्होंने बताया, 'मेरी पर्रिकर के साथ मुलाकात बहुत संक्षिप्त रही। उन्होंने मेरे प्रदर्शन के बारे में सुन रखा था और मेरे अनुमानित खर्च के बारे में पूछा जिसके बाद उन्होंने तुरंत एक चेक पर साइन कर दिए।' सावंत ने बताया कि यह रकम करीब एक लाख रुपए थी।

VIDEO में फिर दिखे 'गली ब्वॉय' पृथ्वी शॉ, रैप पर थिरकते हुए बोले- 'बहुत हार्ड'

पर्रिकर की मदद ने बदली तकदीर

पर्रिकर की मदद ने बदली तकदीर

उस समय ये सावंत की सबसे बड़ी जरूरत थी जिसने बाद में उनके पूरे करियर का रुख ही पलटकर रख दिया। उस प्रतियोगिता में तेजस्विनी का प्रदर्शन काफी उल्लेखनीय रहा था और उन्होंने दो राउंड में 400 में से 397 और 396 अंक हासिल किए थे। इसके बाद तेजस्विनी ने पलटकर मुड़कर नहीं देखा और वे किसी विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बनी। 2006 के बाद से तेजस्विनी ने कई अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड व अन्य मेडल जीते है। खास बात यह थी कि पर्रिकर ने सावंत को सरकारी नहीं बल्कि अपने जेब से पैसे दिए थे।

Story first published: Tuesday, March 19, 2019, 13:48 [IST]
Other articles published on Mar 19, 2019
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+