नई दिल्ली। नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी यानी नाडा के अनुशासनात्मक पैनल ने रियो ओलिंपिक खेलों से पहले हुए डोपिंग परीक्षण में विफल पाए जाने के चलते शॉटपुट एथलीट इंदरजीत सिंह पर चार साल का प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं पैनल ने ये भी स्वीकार किया है कि नाडा और एनडीटीएल ने नमूने एकत्र करने के लिये वाडा मानकों का पालन नहीं किया जैसा कि इंदरजीत ने दावा भी किया था। हालांकि पैनल ने कहा कि एथलीट यह साबित नहीं कर सकता कि उसने डोपिंग रोधी मानकों का उल्लघंन नहीं किया। गौरतलब हो कि इंदरजीत रियो ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले एथलीटों में से एक थे, उनके सैंपल के नमूने की 'एडवर्स एनालिटिकल फाइंडिंग' में प्रतिबंधित पदार्थ - एंड्रोस्टेरोन और इटियोकोलाएनोलोन - पाये जाने के बाद उन्हें 26 जुलाई 2016 को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
वहीं इस तीन सदस्यीय पैनल ने इस खिलाड़ी ने ताया कि उसने डोपिंग रोधी संहिता की धारा 2.1 का उल्लघंन किया है। पैनल ने बताया कि वो इंदरजीत को धारा 2.1 के उल्लघंन का दोषी मानते हैं जिससे यह एथलीट चार साल के लिए प्रतिबंधित हो जायेगा और यह तारीख उनके अस्थायी निलंबन की तारीख से शुरू होगी। गौरतलब हो कि इस सजा के बाद इंदरजीत अब दो साल बाद जापान के शहर टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक खेलों में भी भाग नहीं ले सकेंगे।