
कई बार शारीरिक रूप से हुआ था शोषण
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ सालों में साउथ कोरिया ने खेल जगत में एक खास मुकाम हासिल किया है। वह समर और विंटर ओलम्पिकस के दौरान लगातार टॉप 10 देशों में जगह बनाने में कामयाब रहा है। हालांकि इस प्रतिस्पर्धात्मक समाज में खेल जगत में जीत सिर्फ शोहरत के हिसाब से ठीक लगती है लेकिन शारीरिक और मानिसक शोषण इसका एक बड़ा हिस्सा माना जाता रहा है।
चोई को एक जर्नल लिखने की आदत थी जिसमें उन्होंने एक जगह अपने साथ हुई मार-पीट के बारे में लिखा है। उन्होंने लिखा कि आज सारा दिन बारिश हुई है और मुझे बुरी तरह से पीटा गया है। मेरी आंखो से आंसू रुक नहीं रहे हैं।

शिकायत के बावजूद नहीं की मिली मदद
साउथ कोरियन मीडिया के अनुसार चोई ने अपने साथ हुए शारीरिक शोषण की कई ऑडियो रिकॉर्डिंग को जमा कराया था। इतना ही नहीं टीम के अधिकारियों ने भी उसे एक मौके पर दंड के रूप में 166 डॉलर की ब्रेड जबरदस्ती खाने को मजबूर किया था और आदतन पीटते भी थे।
चोई ने इसको लेकर कोरियन खेल और ओलम्पिक समिति के सामने अप्रैल में शिकायत की थी और जांच की मांग की थी। हालांकि उसकी मदद की गुहार को लगातार अनदेखा किया गया।

केसएसी ने किया शिकायत अनदेखी करने के आरोपों से इंकार
वहीं केएसओसी ने इस बात से इंकार किया है कि उसने चोई की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। केएसओसी ने दावा किया है कि उसने एक महिला जांचकर्ता को मामले की जांच के लिये अप्रैल में ही तैनात कर दिया था।
पिछले साल भी शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटर में डबल ओलम्पिक गोल्ड मेडल विजेता शिम शुक ही ने कोच पर सेक्शुअली मोलेस्ट करने का आरोप लगाया और कहा था कि कई बार शारीरिक रूप से शोषण किया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद कोच को महज 10 महीने की जेल हुई थी।


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