भारतीय मुक्केबाजों के लिए शुभ रहा साल 2011
नयी दिल्ली। इस साल भारतीय मुक्केबाजी में कुछ नये स्टार मुक्केबाज उभर कर सामने आये जिन्होंने ओलम्पिक के लिये क्वालीफाई करके अगले साल होने वाले इन खेलों में अधिक पदक जीतने की उम्मीद को जगाया। इस साल मुक्केबाजी के बहुत ज्यादा मुकाबले नहीं हुए लेकिन फिर भी भारतीय मुक्केबाजों ने जहां जहां भाग लिया वहां वहां अपनी छाप छोड़ी।
विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भी भारत के युवा मुक्केबाजों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए अपने आगे का रास्ता साफ करने का अपना सफर शुरू किया। साल के पहले क्वालीफाई टूर्नामेंट से भारत के 19 साल के विकास कृष्णन (69किलो) रजय भगवान (60किलो) मनोज कुमार (64किलो) और एक अन्य युवा मुक्केबाज एल देवेंद्रो सिंह (49किलो) ने लंदन ओलम्पिक के लिये अपना स्थान पक्का कर लिया।
क्वालीफाइ करने वाले भारत के चारों मुक्केबाजों ने अपने से मजबूत मुक्केबाजों को हराया जिससे आगे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बनती है। क्वालीफाइ करने के लिये भारतीय मुक्केबाजों को कम से कम क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना था। विकास ने इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक भी जीता।
विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भी भारत के युवा मुक्केबाजों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए अपने आगे का रास्ता साफ करने का अपना सफर शुरू किया। साल के पहले क्वालीफाई टूर्नामेंट से भारत के 19 साल के विकास कृष्णन (69किलो) रजय भगवान (60किलो) मनोज कुमार (64किलो) और एक अन्य युवा मुक्केबाज एल देवेंद्रो सिंह (49किलो) ने लंदन ओलम्पिक के लिये अपना स्थान पक्का कर लिया।
क्वालीफाइ करने वाले भारत के चारों मुक्केबाजों ने अपने से मजबूत मुक्केबाजों को हराया जिससे आगे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बनती है। क्वालीफाइ करने के लिये भारतीय मुक्केबाजों को कम से कम क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना था। विकास ने इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक भी जीता।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 13:00 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Log in for Better Reading Experience!
By signing in, you agree to our Terms and Privacy Policy
Gender
Select your Gender
- Male
- Female
- Others
Age
Select your Age Range
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
