धीमी आवाज में इसका जवाब देते हुए श्रीसंत ने कहा, यार मैंने कुछ नहीं किया है। मुझे फंसाया गया है। इसके बाद उस बच्चे ने मीडिया कर्मियों से कागज लिया और श्रीसंत से आटोग्राफ मांगा। श्रीसंत ने अदालत में ऑटोग्राफ देने से मना कर दिया। लेकिन बच्चे के अनुरोध पर श्रीसंत ने अदालती कार्यवाई के बाद उसे आटोग्राफ दिया और लिखा कि 'प्लीज डू प्रे फॉर मी ( कृप्या, मेरे लिए प्रार्थना करो)।
वहां पर मौजूद लोगों ने बताया कि हम सभी के दिमाग में कुछ न कुछ सवाल चल रहे थे। उस बच्चे के दिल में सवाल था, वह उसका उत्तर लेने के लिए श्रीसंत के पास आया था। अदालती कार्यवाही के बाद श्रीसंत को पुलिस लेकर चली गई। यह दूसरा मौका है जब भारत के खिलाड़ी स्पॉट फिक्सिंग में शामिल पाये गये हो। इसके पहले 1999 में हुई फिक्सिंग में भारत के कई खिलाड़ी शामिल पाये गये थे, इस घटना में दोषी पाये जाने पर इन सभी खिलाडि़यों पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया था। स्पॉट फिक्सिंग केस में भी ऐसी ही उम्मीद की जा रही है।
हालांकि इस मामले में बीसीसीआई और टीम फ्रेंचाइजी से जुड़े कुछ बड़े नामों की भूमिका पर भी सवाल उठाये जा रहे हैं अत: अभी तक बोर्ड कुछ कड़े निर्णय नहीं ले सका है। मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही है।