पहले बाप को सुधारो बिंद्रा फिर देश को सुधारना: चोटाला
चंडीगढ़। भारतीय खेलों में व्याप्त भ्रष्टाचार की सफाई के लिए एक अभियान की अगुवाई कर रहे अभिनव बिंद्रा पर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने व्यक्तिगत टिप्पणी की है। चौटाला ने बिंद्रा के बारे में कहा है कि अगर उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपियों से इतनी समस्या है तो उन्हें सबसे पहले अपने पिता को छोड़ देना चाहिए या फिर घर से निकल जाना चाहिए, जो कि चेक बाउंस होने के मामले के कारण पिछले एक महीने से जेल में हैं। उनकी इस टिप्पणी के बाद कई पूर्व खिलाड़ी और राजनीतिक शख्सियत इसकी आलोचना कर रहे हैं। चौटाला ने यह टिप्पणी उस दबाव की प्रतिक्रिया के रूप में की जिसमें आईओए पर आईओसी की शर्ते स्वीकार करने का दबाव बन रहा है।
गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने भारत ओलंपिक संघ को ओलंपिक से निलंबित कर दिया था और आदेश दिया था कि आईओए अपने संविधान में 31 अक्टूबर तक संशोधन करे और भ्रष्टाचार के आरोपियों को खेल संघ से दूर करे। इसके अलावा आईओसी ने कहा था कि भारतीय ओलंपिक संघ अपने संशोधित संविधान के अंतर्गत 15 दिसंबर तक नये चुनाव करवा ले, जिससे कि समय रहते उसे फिर से ओलंपिक में शामिल किया जा सके।
चौटाला की बिंद्रा पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणी पर अन्य खिलाडि़यों ने कड़ा प्रतिरोध किया है। इस पर भारत के पूर्व टेनिस खिलाड़ी और कई ग्रैंड स्लैम विजेता महेश भूपति ने ट्विटर पर लिखा है कि मैं सीमित शब्दों में बिंद्रा के परिवार पर की गयी टिप्पणी के बारे में कुछ कहने में असमर्थ हूं, मैं अभिनव का समर्थन करता हूं। वहीं भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष रनिंदर सिंह ने चौटाला की निंदा करते हुए कहा है कि उन्हें इस तरह का व्यक्तिगत कमेंट नहीं करना चाहिए, उन्हें इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि जिनके घर कांच के बने होते हैं, वह दूसरों के घर पत्थर नहीं फेंका करते। यह ध्यान देने योग्य है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और उनके भाई अभय चौटाला अध्यापक भर्ती घोटाले में दोषी पाये गये हैं।
अभिनव भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा से भ्रष्टाचार की सफाई के लिए एक अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं जिसमें उनके साथ महेश भूपति, ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार भी शामिल है। अभिनव ओलंपिक की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाले एक मात्र खिलाड़ी हैं। अभिनव ने आईओसी के समक्ष भारत को ओलंपिक में शामिल करने की याचिका दायर कर अनुरोध भी किया था। बिंद्रा ने भ्रष्टाचार के कारण भारत के ओलंपिक से निलंबित होने पर कहा था कि यह नैतिकता से जुड़ा मुद्दा है, खेलों को व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर रखना होगा, तभी हमारी ओलंपिक में वापसी हो सकती है। उन्होने यह भी कहा था कि भारतीय एथलीट भी यही चाहते हैं कि संघ से भ्रष्ट अधिकारियों को हटाया जाये।

अभिनव बिंद्रा
अभिनव बिंद्रा का कहना है कि भारतीय एथलीट भी आईओए से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। जिससे कि आईओसी से भारत को ओलंपिक में शामिल होने की अनुमति मिल सके।

भारतीय ओलंपिक संघ
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने आईओए को 31 अक्टूबर तक संविधान में संशोधन के लिए और 15 दिसंबर तक चुनाव कराने का वक्त दिया है।

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने आईओए को राजनीति हस्तक्षेप से ओलंपिक से निलंबित कर दिया था।

अभिनव बिंद्रा
अभिनव बिंद्रा भारतीय ओलंपिक संघ में सफाई के लिए एक अभियान की अगुवाई कर रहे हैं, जिसमें उनके साथ कई भारतीय एथलीट हैं।
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