नयी दिल्ली। बैडमिंटन खिलाड़ी को पूरा भरोसा है कि उनके और उनकी जोड़ीदार ज्वाला गुट्टा के पास लंदन ओलंपिक खेलों में पदक जीतने का अच्छा मौका है। अश्विनी ने 2009 में ही ज्वाला के साथ खेलना शुरू किया है लेकिन इस जोड़ी ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण और लंदन में विम्बले एरीना में विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतकर जल्द ही सफलता हासिल कर ली।
लंदन के इसी एरीना में लंदन ओलंपिक की बैडमिंटन प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी। अश्विनी ने कहा कि हम हर सुबह और शाम सैयद मोहम्मद आरिफ सर के नेतृत्व में लाल बहादुर शास्त्री इंडोर स्टेडियम में और गाचीबाउली में एडविन इरियावान के साथ अभ्यास कर रहे हैं और मुझे लगता है कि हमारे पास पदक जीतने का अच्छा मौका है।
वहीं दूसरी तरफ बीजिंग ओलंपिक में पदक से चूकने वाले भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त अपना कैरियर खत्म होने से पहले ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के अपने सपने को साकार करना चाहते हैं। योगेश्वर का मानना है कि संभवत: यह उनका अंतिम ओलंपिक होगा और वह प्रतिबद्ध हैं कि खेलों के महाकुंभ में तीसरी बार हिस्सा लेते हुए वह वांछित नतीजा हासिल करने में सफल रहेंगे।
यह भारतीय पहलवान बीजिंग 2008 खेलों में भी कांस्य पदक जीतने के करीब पहुंचा था लेकिन अहम मुकाबले में अंतिम 10 सेकेंड में हार गया। योगेश्वर ने कहा कि ओलंपिक खेल हर साल नहीं होते, यह प्रत्येक चार साल में होते हैं और मैं भाग्यशाली हूं कि भगवान ने मुझे तीसरी बार इन खेलों में हिस्सा लेने का मौका दिया। मुझे नहीं पता कि मैं अगले ओलंपिक में खेलूंगा या नहीं, मैं सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं और इसे अपना अंतिम मौका मान रहा हूं।
उन्होंने कहा कि मैं इस बार अपने देश के लिए कुछ लाना चाहता हूं। मैं अपने वर्ग को स्वर्ण पदक को लक्ष्य बनाकर चल रहा हूं। सुशील ने पिछली बार पदक जीता था, इस बार मैं पदक लाना चाहता हूं। भविष्य की पीढ़ी अच्छा प्रदर्शन कर रही है और ऐसे में यह संभवत: मेरा अंतिम ओलंपिक होगा। संन्यास लेने से पहले स्वर्ण पदक जीतने से मुझे संतुष्टि मिलेगी।