पैडी ब्रान्स ने पहले ही राउण्ड में 7-5 से लीड ले ली और इसके बाद दूसरे राउण्ड में भी दोनों खिलाडि़यों के अंको का अंतर बढ़ता गया और यह राउण्ड 10-5 से समाप्त हुआ। हालांकि देवेन्द्रों ने तीसरे राउण्ड में भरसक कोशिश पर तब पैडी जीत के लिए आवश्यक अन्तर बना चुके थे। देवेन्द्रो के क्वार्टर फाइनल में हारने से मुक्ेबाज़ी में भारत का सफर खत्म हो गया है।
लंदन ओलंपिक में पुरूष वर्ग के बॉक्सिंग में भारत के कुल सात मुक्केबाज़ों ने हिस्सा लिया पर इनमें से कोई भी पदक जीतने में कामयाब नहीं हो सका। यहां तक बीजिंग ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता विजेंद्र सिंह भी सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सके। जबकि महिला वर्ग में मैरी कॉम ने 51 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीता।
इस मुकाबले में देवेन्द्रों के कोच बी एल फर्नांडिज़ के अनुसार विदेशी खिलाड़ी ने कई गलतियां की, वह सही स्थानों पर हिट भी नहीं कर रहा था फिर भी उसे अंक हासिल हो रहे थे। उन्होंने अंपायरिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम ओलंपिक में पदक के लायक थे।
वहीं आयरिश खिलाड़ी ने कहा कि ओलंपिक में पदक के लिए क्वालीफाई होने से उनका सपना पूरा हो गया।