चेक गणराज्य की ओर से पी जिरासेक ने 72 वें मिनट में गोल कर अपनी टीम को जीत दिला दी । इससे पहले हाफ टाइम तक पोलैंड और चेक गणराज्य की टीमें कोई गोल नहीं कर सकी थी । अगर बात पोलैंड कि हो तो आपको बता दें की पोलैंड ने इससे पहले ग्रुप 'ए' में ग्रीस और रूस के साथ 1-1 के समान अंतर से ड्रॉ खेला है।
पोलैंड के लिए चेक रिपब्लिक के खिलाफ ये मैच मिनी फाइनल जैसा था। वहीँ पूछे जाने पर पोलैंड के कप्तान जाकुब ब्लासकोवस्की ने खुद ये बात कबूली थी कि यह हमारे लिए मिनी फाइनल सरीखा और हाल के दिनों का सबसे अहम मैच होगा।' गौरतलब है कि चेक रिपब्लिक की भी स्थिति मैच में मजबूत है।
चेक गणराज्य टीम की जीत ने ये साबित कर दिया है कि अगर वो मैदान में अपने खिलाड़ियों में सामंजस बैठाने में कामयाब हो जाती है और उसके खिलाड़ी एक दूसरे को समझते हुए खेलते हैं तो उसके लिए खिताबी टाइटल पर कब्ज़ा करना कोई बड़ी बात नहीं होगी। अगर खेल समीक्षकों कि माने तो चेक गणराज्य की इस जीत के बाद एक बात साफ़ है कि वो कप ले जा सकती है।