दान्स्क में खेले गए इस मैच में जीत के साथ इंग्लैंड ने कुल सात अंक बटोर कर ग्रुप- डी में शीर्ष स्थान के साथ अंतिम आठ में कदम रखा। क्वार्टरफाइनल में उसका सामना ग्रुप-सी के रनर अप इटली से होगा ये मुकाबला दोनों के बीच कीव में होगा ।
ग्राउंड में मौजूद सूत्रों कि माने तो पहला हाफ गोलरहित रहने के बाद और दूसरे हाफ की शुरुआत में ही रूनी ने इंग्लैंड को बढ़त दिला दी। इस एकमात्र गोल की बदौलत इंग्लैंड अंतिम आठ में पहुंच गया जबकि मेजबान टीम को बाहर का रास्ता देखना पड़ा।
मार्को डेविस के शानदार प्रयास से मेजबान टीम को एक बार बराबरी का मौका मिला था, लेकिन भाग्य ने इंग्लिश टीम का साथ दिया इस मौके को छोड़ दें तो मैच में इंग्लैंड पूरी तरह हावी रहा।
दूसरे हाफ का खेल शुरू होने के बाद इंग्लैंड ने अपनी रणनीति में थोड़ा परिवर्तन किया और तीन मिनट बाद ही स्टीफन गेरार्ड के नीचे रहते पास को बेहद सफाई से विपक्षी गोल के अंदर पहुंचा दिया। इस बढ़त के बाद इंग्लैंड ने राहत की सांस ली और आखिरी मिनट तक वह इसे बरकरार रखने में सफल रहा। रूनी का यह गोल उनके पिछले अंतर्राष्ट्रीय गोल के मुकाबले 673 मिनट के इंतजार के बाद देखने को मिला।
हालांकि मैच में 71 प्रतिशत समय तक गेंद यूक्रेनी स्ट्राइकरों के कब्जे में रही, लेकिन निर्णायक मौकों पर इंग्लिश खिलाड़ी छाये रहे। यूक्रेन ने इंग्लैंड पर गोल के 16 प्रयास किये, लेकिन इनमें से कोई कामयाब नहीं हो सका। चेल्सी के इंग्लिश डिफेंडर एश्ले कोए का इसमें जबर्दस्त योगदान रहा और उन्होंने कई शानदार बचाव किये।
यूक्रेन को इस तरह दोनेत्स्क के अपने मैदान पर अपनी पहली जीत का दीदार नहीं हो पाया। यूक्रेन ने यहां अब तक सात मैच खेले हैं जिनमें से दो ड्रॉ रहे हैं और पांच में उसे हार का सामना करना पड़ा है।
इंग्लैंड के कप्तान गेरार्ड ने मैच के बाद कहा, हमें बेहद कठिन ग्रुप मिला था। हम तो केवल कोशिश करने की सोच कर आये थे। हमारी कोशिश सफल रही। शुरुआत में किसी को हम पर भरोसा नहीं था, लेकिन समय जैसे जैसे आगे बढ़ा, हमने लय पा ली। हमने कोई बहुत बड़ा प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन सम्मिलित प्रयासों से परिणाम जरूर मिला।