अमित ने कहा, "मैने सीनियर स्तर पर थोड़े समय पहले ही खेलना शुरू किया है। कई प्रतिद्वंद्वियों के लिये मैं बिल्कुल नया हूं। वे मेरे खिलाफ रणनीति नहीं बना सकेंगे क्योंकि मेरे मुकाबलों के ज्यादा वीडियो उपलब्ध नहीं है। इसका फायदा मुझे लंदन में मिल सकता है।" 55 किलोवर्ग के इस पहलवान ने अस्ताना में एशियाई क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर सभी को चौका दिया था।
उन्होंने कहा, "मैने कभी नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी ओलंपिक खेलने का मौका मिलेगा। मैने अपनी नजरें 2016 ओलंपिक पर लगा रखी थी लेकिन अब मैं ओलंपिक में जा रहा हूं तो इस मौके को नहीं गंवाउंगा।"
उन्नीस वर्षीय अमित ने कहा, "ओलंपिक में एक पदक किसी की भी जिंदगी बदल सकता है और मुझे पता है कि लंदन में पदक जीतने के क्या मायने हैं। अमित इस समय सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त, नरसिंह यादव और गीता फोगट के साथ अमेरिका के कोलोरेडो स्प्रिंग्स में अभ्यास कर रहे हैं।
अमित ने स्वीकार किया कि सीनियर स्तर पर अनुभवहीनता एक कारण है लेकिन इसका असर उसके प्रदर्शन पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, "अनुभव अहम कारक है लेकिन मैं खेल के हर पहलू में बेहतर प्रदर्शन की कोशिश कर रहा हूं। कोच काफी मदद कर रहे हैं और अभी ओलंपिक में समय है। मैं कोई कोर कसर नहीं रखूंगा।" उन्होंने कहा, "मैं चूंकि ओलंपिक में पहली बार भाग ले रहा हूं तो लोगों को मुझसे अधिक अपेक्षायें नहीं हैं। दबाव कम है और मैं इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहता हूं।"