आखिरकार खुलकर बोले क्रिस मोरिस, जब संजू सैमसन ने एक रन लेने से मना किया तो कैसा लगा
मुंबई। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ रोमांचक मुकाबल में राजस्थान रॉयल्स के ऑलराउंडर क्रिस मोरिस ने जिस तरह से मैच में आखिरी के दो ओवर में 4 छक्के लगाए उसके बाद हर तरफ उनकी चर्चा हो रही है। उन्होंने कैगिसो रबाडा और टॉम करन की गेंद पर जबरदस्त छक्के लगाए और राजस्थान की टीम को मैच में जीत दिलाई। जिस तरह से राजस्थान की टीम के शीर्ष क्रम और मध्य क्रम बुरी तरह से बिखरा उसके बाद मोरिस ने टीम को संभालते हुए मैच में वापसी कराई और टीम को इस सीजन की पहली जीत दिलाई। मोरिस के इस प्रदर्शन के बाद एक बार फिर से 12 अप्रैल के मैच को लेकर फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट बात करने लगे हैं।

आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी
दरअसल पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में संजू सैमसन ने जबरदस्त शतकीय पारी खेली लेकिन जब मैच के आखिरी ओवर में टीम को दो गेंदों पर 5 रन चाहिए थे तो संजू सैमसन ने क्रिस मोरिस को सिंगल लेने से मना कर दिया। ऐसे में लोग सवाल खड़े कर रहे थे कि क्या अगर सैमसन सिंगल ले लेते तो मैच का नतीजा कुछ और होता,क्या मोरिस मैच की आखिरी गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिला सकते थे। अब इस बारे में खुद क्रिस मोरिस ने खुलकर बात की है और बताया है कि जब उन्हें सिंगल लेने से सैमसन ने मना कर दिया तो उन्हें कैसा लगा। दरअसल क्रिस मोरिस आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं और उन्हें राजस्थान रॉयल्स की टीम ने 16.25 करोड़ रुपए में खरीदा है, ऐसे में जिस तरह से सैमसन ने उन्हें सिंगल लेने से मना कर दिया उसके बाद सवाल खड़ा होने लगा है।

अगर छक्का मार देते तो बुरा नहीं लगता
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में 3 विकेट से जीत के बाद क्रिस मोरिस से यही सवाल पूछा गया। सवाल के जवाब में मोरिस ने कहा कि मैं दूसरा रन जरूर वापस आता फिर चाहे जो होता क्योंकि संजू सैमसन बेहतरीन हिटिंग कर रहे थे। लोग मेरी रनिंग को कमतर आंकते हैं। उस रात संजू सैमसन गेंद को बेहतरीन तरीके से हिट कर रहे थे। अगर उन्होंने आखिरी गेंद पर छक्का लगा दिया होता तो मैं बहुत ज्यादा निराश नहीं होता। बता दें कि राजस्थान की टीम को आखिरी की 2 गेंदो पर 5 रन की दरकार थी, लेकिन पांचवी गेंद पर संजू सैमसन ने शॉट खेलने के बाद एक रन लेने से मना कर दिया और आखिरी गेंद पर सैमसन छक्का नहीं लगा सके, जिसके चलते राजस्थान की टीम को मैच में 4 रन से हार का सामना करना पड़ा था।

खुश नहीं थे मोरिस
जिस तरह से सैमसन ने मोरिस को एक रन लेने से मना किया उसके बाद मोरिस के चेहरे पर साफ देखा जा सकता था कि वह इससे कतई खुश नहीं थे और विश्वास नहीं कर पा रहे थे कि सैमसन ने उन्हें रन दौड़ने से मना कर दिया। लेकिन दिल्ली के खिलाफ मैच में मोरिस ने जबरदस्त पारी खेलकर दिखा दिया है कि आखिर वह क्या करने में सक्षम हैं। मोरिस ने मैच में 18 गेंदों पर 36 रनों की पारी खेली और राजस्थान की टीम को 19.4 ओवर में ही जीत दिलाई। जब डेविड मिलर 43 गेंदों पर 62 रन बनाकर आउट हुए थे राजस्थान की पूरी उम्मीद मोरिस से ही थी। राजस्थान की टीम को 25 गेंदों पर 44 रन की दरकार थी और उनके पास 3 विकेट बचे थे, ऐसे में मोरिस के अलावा किसी और से उम्मीद नहीं बची थी।

मुझे पता है कि मैं क्या कर सकता हूं
मैच के बाद मोरिस ने कहा कि यहां ओस की भूमिका काफी अहम रहती है। दिल्ली के गेंदबाजों ने हमसे बेहतर लेंथ पर गेंदबाजी की। खिलाड़ियों को पैसे इसलिए मिलते हैं कि वो बल्लेबाजी करें और कुछ को लंबे हिट के लिए पैसे मिलते हैं, मुझे पता है कि मैं इसमे से क्या कर सकता हूं । यही वजह है कि मैं इतना गोल्फ खेलता हूं। मोरिस ने मिलर की भी तारीफ की, उन्होंने कहा कि क्रिकेट के मैदान में यह अक्सर होता है, मुझे लगता है कि दिल्ली ने अच्छा खेल दिखाया। मिलर ने अच्छी बल्लेबाजी की।
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