IPL के लिए एयरपोर्ट पर अलग चैक-इन काउंटर, डेली टेस्ट, COVID के लिए BCCI के नए प्लान
नई दिल्लीः इंडियन प्रीमियर लीग का 14वां सीजन शुक्रवार से शुरू हो रहा है लेकिन कोविड-19 के बढ़ते मामले एक पेचीदा स्थिति पैदा कर रहे हैं जो बीसीसीआई के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। हमने देखा है कि इस दौरान खिलाड़ियों, फ्रेंचाइजी के स्टाफऔर सर्विस प्रोवाइडर्स के सदस्यों को भी कोरोना वायरस की चपेट में पाया गया।
प्रतियोगिता में इस बार कोई भीड़ नहीं होगी लेकिन कोविड-19 के मामले निश्चित तौर पर एक चुनौती तो पैदा कर ही रहे हैं। इसके चलते बीसीसीआई को नए सिरे से सोचने पर मजबूर होना पड़ा है कि मौजूदा स्थिति से कैसे निपटा जाए।
कोविड के बढ़े खतरे के बीच नए उपायों के लिए मजबूर बीसीसीआई-
बीसीसीआई ने ऐसे में नए उपायों के तहत भारत सरकार से अनुरोध किया है कि एयरपोर्ट पर आईपीएल के लिए अलग से चेक-इन काउंटर बनाए जाएं। इसके साथ ही बोर्ड टीमों के लिए रोज कोविड-19 का का टेस्ट कराएगा और बायो बबल इंटीग्रिटी ऑफिसर की नियुक्ति होगी जो कड़े नियमों का पालन कराना सुनिश्चित करेगा। आपको बता दें कि आईपीएल से जुड़े हुए मामलों में अभी तक कोविड-19 केस की संख्या 36 हो चुकी है।
एयरपोर्ट और यात्राओं को लेकर चिंता बढ़ी-
बीसीसीआई ने पिछली बार संयुक्त अरब अमीरात में कोरोना वायरस से फ्री आईपीएल कराकर तारीफ का काम किया था लेकिन इस बार परिस्थितियां थोड़ी सी अलग है। इस बार जो जगह चुनी गई हैं उनमें पांच ऐसे स्थान हैं जो एक दूसरे से काफी दूरी पर स्थित है और यह है- मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और चेन्नई। ऐसे में खिलाड़ियों को बार-बार एयरपोर्ट का संपर्क करना पड़ेगा और यहां पर उनका कोविड-19 के प्रति रिस्क थोड़ा ज्यादा बढ़ जाता है। मुंबई और दिल्ली में पिछले दिनों में कोरोना वायरस के केस बहुत ज्यादा बड़े हैं जिसके चलते यहां पर नाइट कर्फ्यू भी लगाया गया है।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने देश की सरकार से यह अनुरोध किया है कि वह एयरपोर्ट पर अलग से आईपीएल सिक्योरिटी चेक इन काउंटर बनाएं। ताकि टीमों के लिए सुरक्षित बायो बबल मेंटेन रखा जा सके।
अभी हाल ही में किरण मोरे का एक केस आया है और उनके मामले में भी एयरपोर्ट की ही भूमिका देखी गई है क्योंकि वह चेन्नई की फ्लाइट पकड़ने से पहले नेगेटिव थे लेकिन बाद में इनफेक्टेड पाए गए।
रोजाना टेस्ट होंगे, बायो बबल इंटीग्रिटी ऑफिसर सख्त होगा-
इसके अलावा भारतीय क्रिकेट बोर्ड अब रोजाना के स्तर पर हर टीम का टेस्ट कराएगा। इसके अलावा एक बायो बबल इंटीग्रिटी ऑफिसर होगा जो इस चीज को सुनिश्चित करेगा कि कोई भी बिना मास्क के ना रहे। यह ऑफिसर खिलाड़ियों को बिना मास्क के किसी कॉमन एरिया में जाने भी नहीं देगा। खिलाड़ियों को मास्क तब भी पहनना होगा जब वे ग्राउंड छोड़ रहे होंगे। ऐसे में निश्चित तौर पर नियम और कठिन कर दिए गए हैं।
तकनीक का भी सहारा लेगा बोर्ड-
इसके अलावा यह भी जानकारी मिली है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड तकनीक का सहारा ले रहा है और उसने एक उसने हर टीम के लिए एक ब्लूटूथ ट्रैकिंग डिवाइस का प्रयोग करने की योजना बनाई है। हालांकि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अभी तक 4 फ्रेंचाइजी ने यह कंफर्म किया है कि उनको कोई डिवाइस नहीं मिली है।
बीसीसीआई के प्रोटोकॉल यह कहते हैं कि जो भी व्यक्ति कोविड-19 से इनफेक्टेड इंसान के संपर्क में आएगा उसको 7 दिनों के लिए आइसोलेट किया जाएगा लेकिन अगर खिलाड़ियों ने ऐसे किसी इंसान के साथ कोई संपर्क नहीं किया है या उनका संपर्क बहुत ही कम हुआ है तो दो टेस्ट लिए जाएंगे और यदि वह नेगेटिव आते हैं तो उनको ट्रेनिंग करने दी जाएगी।
इसी वजह से किरण मोरे का टेस्ट पॉजिटिव होने के बावजूद मुंबई इंडियंस की टीम को अपनी ट्रेनिंग चालू करने की छूट दी गई है। यह टीम मंगलवार और बुधवार को आइसोलेशन में थी लेकिन उसके बाद 2 टेस्ट हुए और खिलाड़ियों ने अपनी ट्रेनिंग को शुरू कर दिया। किरण मोरे और दिल्ली मुंबई इंडियंस के खिलाड़ियों का कांटेक्ट ना के बराबर हुआ था।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
