नई दिल्ली। ओलंपिक मेडल विजेता सुशील कुमार की ट्रायल की अपील की हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी है। सुशील कुमार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पहले भारतीय कुश्ती संघ से एक बार फिर से बात करने का फैसला लिया है।
कोर्ट ने सुशील से पूछा 2014 के बाद से आपने क्या जीता है?
हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने से पहले सुशील कुमार ने रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए भारतीय ओलंपिक संघ से मुलाकात करने की तैयारी कर रहे हैं। सुशील कुमार संघ से बात करने के बाद ही इस बात का फैसला करेंगे कि वह हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे या नहीं।
दिल्ली की एकल जज पीठ ने सुशील कुमार की ट्रायल की मांग की अपील को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि नरिसंह जिन्हें रियो ओलंपिक के लिए चुना गया है अगर वह बाहर होते हैं तो वह खुद को हारा हुआ महसूस करेंगे।
जस्टिस मनमोहन ने सुशील कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि आप 66 किग्रा वर्ग में शानदार रेसलर हैं। लेकिन जस्टिस मनमोहन ने उन्हें 74 किग्रा वर्ग में रियो ओलंपिक जाने की अनुमति नहीं दी। सुशील कुमार ने इस फैसले के बाद कहा कि हम पूरी कोशिश करेंगे कि भारतीय कुश्ती संघ से एक बार फिर से बात करके चयन के लिए ट्रायल की मांग करेंगे। लेकिन अगर बातचीत में हल नहीं निकलता तो हम हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ जा सकते हैं।