टेस्ट इतिहास का काला अध्याय बन गया सिडनी टेस्ट
नई दिल्ली 06 जनवरी .वार्ता. विश्व चैंपियन आस्ट्रेलिया ने भले ही आज सिडनी में दूसरे क्रिकेट टेस्ट में भारत को 122 रन से हरा दिया हो लेकिन इस मैच को बेहद खराब अंपायरिंग के लिहाज से टेस्ट इतिहास के सबसे काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा
भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट में दुनिया के सबसे ज्यादा अनुभवी माने जाने वाले अंपायर वेस्टइंडीज के स्टीव बकनर और मार्क बेनसन अंपायरिंग कर रहे थे 1 लेकिन इन दोनों अंपायरों ने इस मैच में एक के बाद एक जिस तरह गलत फैसले लिए उसने न केवल क्रिकेट जगत को सकते में डाल दिया बल्कि उनकी प्रतिष्ठा भी मिट्टी में मिल गई1 इस मैच के बाद बकनर और बेनसन का नाम क्रिकेट इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज हो जाएगा 1 पूरी दुनिया इस टेस्ट को आस्ट्रेलिया के लगातार 16 टेस्ट मैच जीतने के उसके अपने ही रिकार्ड के बराबरी के लिए नहीं जानेगी बल्कि इस मैच को इतिहास के पन्नों में इसलिए याद किया जाएगा कि इसमें अम्पायरों ने आस्ट्रेलिया के कितने आउट खिलाडियों को नाट आउट करार दिया
हो सकता है क्रिकेट जगत के लिए यह जनरल नालेज का भी प्रश्न हो जाए1 भले ही आस्ट्रेलिया अपनी इस जीत पर भरपूर इतरा रहा हो लेकिन अगर कंगारू कप्तान रिकी पोंटिंग अपनी आत्मा से पूछेंगे तो उन्हें इस मैच के बहुतेरे फैसलों में दाल में काला नजर आएगा 1 खुद भी जब वह पहली पारी में सौरभ गांगुली की गेंद पर आउट थे तो वह अपनी जगह से हिले तक नहीं और हद तो तब हो गई जब अंपायर ने उन्हें आउट नहीं दिया
आज सिडनी में संवाददाता सम्मेलन में वह कुछ भारतीय पत्रकारों पर अपनी खेलभावना पर प्रश्न पूछने पर गुस्सा हो गए 1 लेकिन जब आप आउट होकर भी क्रीज नहीं छोडेंगे तो इसे क्या कहा जाएगा 1 सिडनी टेस्ट के अंतिम दिन सबसे ज्यादा हास्यास्पद स्थिति तो तब सामने आई जब गांगुली को तेज गेंदबाज ली की गेंद पर क्लार्क ने दूसरे स्लिप में कैच लपका1 टीवी रिप्ले से साफ पता चल रहा था कि गेंद जमीन में टिप्पा खाने के बाद क्लार्क के हाथों में गई थी1 लेकिन अंपायर बेनसन ने थर्ड अम्पायर से पूछने की बजाय पोंटिंग से कैच लेने या न.न लेने के बारे में पूछा और पोंटिंग ने गांगुली को आउट करार दिया1 इसके बाद बेनसन ने भी अपनी अंगुली हवा में उठाने में देर नहीं की
अब भला कोई बेनसन से पूछे कि क्या कोई विपक्षी कप्तान अपने विरोधी खिलाडी को नाट आउट करार देगा 1 नहीं बिल्कुल नहीं 1 तो बेनसन ने तीसरे अंपायर की मदद क्यों नहीं ली 1 शायद उन्हें अंगुली उठाने की जल्दी थी 1 कुल मिलाकर बकनर और बेनसन ने अपनी अंपायरिंग से न.न केवल खुद की बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को भी नीचा दिखाया है
सत्यकाम.राजसुनील1918वार्ता
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