Tokyo Olympics: ओलंपिक में डेब्यू करेगी 13 साल की खिलाड़ी, मिन्नते करने के बाद मां-बाप ने की हां

नई दिल्लीः टोक्यो ओलंपिक में स्केटबॉर्डिंग बाकी चार खेलों के साथ डेब्यू कर रहा है। इस खेल में परफॉरमेंस करने के लिए 13 साल की स्काई ब्राउन और ज्यादा इंतजार नहीं कर सकती हैं। वे ग्रेट ब्रिटेन की टीम की ओर से खेलती नजर आएंगी और अपनी टीम की सबसे युवा मेंबर हैं, उनको अभी तक यह यकीन नहीं हो रहा है कि वे ओलंपिक में खेलने जा रही हैं।

एएनआई से बात करते हुए उन्होंने बताया, यह पूरी तरह क्रेजी है। यह मेरे सपने से भी ज्यादा बड़ा है जिसके बारे में मैंने कभी सोचा नहीं था। मैं बहुत खुश हूं, बहुत उमंग में हूं और उसी तरह स्केट करने जा रही हूं जैसे की रोजाना करती हूं और अपने समय का लुत्फ उठाउंगी।

वैसे तो बाकी सभी लोगों को कोरोना के चलते अपनी प्रैक्टिस में कोई ना कोई समझौता करना पड़ा लेकिन स्केटिंग ऐसा खेल है जिसकी प्रैक्टिस आप कहीं पर भी कर सकते हो।

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स्काई कहती हैं, आप फ्लैट सतह पर इसको कर सकते हो, सीढ़ियों के ऊपर जाकर कर सकते हो, यहां तक खाली स्विमिंग पूल में भी कर सकते हो। जहां चाहे कर सकते हो, इसी वजह से इसको मैं प्यार करती हूं।

13 साल की खिलाड़ी के प्रेरणा उनके पिता रहे हैं जिसका स्केटबॉर्ड स्काई का फेवरेट रहा है। वे उस पर सवार होकर बाजार भी चली जाती थीं। उन्होंने अपने पिता को जब बोर्ड पर सवार देखा तो उनको ये चीज सुपर कूल लगी और उन्होंने इसको अपना लिया।

स्काई की जिंदगी भले ही आम स्कूल जाने वाले बच्चों की तरह से नहीं हो लेकिन इस खेल ने उनको एक बेहतर इंसान बनाया है, ऐसा वे खुद मानती हैं। वे कहती हैं कि वे बेस्ट जिंदगी जी रही हैं और बदले में कुछ देना चाहती हैं।

उन्होंने प्रोफेशनल बनने का नहीं सोचा था लेकिन पिता और भाई के साथ मिलकर स्केटिंग में कुछ ना कुछ रोमांचक करने की आदत बनती चली गई और वे नई ट्रिक्स आजमाने लगी जिससे वे प्रो बनती चलीं गईं।

साथ ही इस बच्ची ने यह भी बताया है कि वह ओलंपिक में ग्रेट ब्रिटेन की टीम को ज्वाइन करने के लिए कितनी उतावली थी जबकि उनके पेरेंट्स उनको ऐसा करने की इजाजत नहीं दे रहे थे क्योंकि उनको लगता था कि ऐसा करने से स्काई के ऊपर बहुत ज्यादा दबाव आ जाएगा लेकिन ग्रेट ब्रिटेन की टीम ने इन लोगों का हौसला बढ़ाया और कहा कि किसी तरह का कोई दबाव नहीं है, आप जब चाहो इसको छोड़ सकते हो। इसके बावजूद स्काई के पिता माता पिता नहीं माने लेकिन वह उनको लगातार मनाती रही, मिन्नते करती रही और बाद में वे कहने लगे चलो ठीक है, तुम जा सकती हो।

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Story first published: Wednesday, July 21, 2021, 15:14 [IST]
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