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Tokyo Olympics : भारत ने जीते रिकाॅर्ड 7 मेडल, जानिए किन खिलाड़ियों ने दिलाए

नई दिल्ली। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में कमाल कर दिखाया है। भारत ने 7 मेडल अपने नाम किए। यह भारत का ओलंपिक में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है। इससे पहले भारत ने 2012 लंदन ओलंपिक में 6 मेडल जीते थे तो 2016 ओलंपिक के खेलों में सिर्फ 2 मेडल आए थे। लेकिन इस बार भारतीय दल ने कमाल का खेल दिखाया है। यह ना सिर्फ खिलाड़ियों के लिए उपलब्धि है बल्कि देश का नाम भी राैशन हुआ है।

जानिए किन खिलाड़ियों ने दिलाए
भारत को मीराबाई चानू, पीवी सिंधु, लवलीनी बेरगोहोन, पुरूष हाॅकी टीम, रवि दहिया, बजरंगू पूनिया और नीरज चोपड़ा ने मेडल जीता। इस तरह भारत ने टोक्यो ओलंपिक में दो सिल्वर और 5 ब्राॅन्ज मेडल अपने नाम किए हैं।

किस खेल में किसने दिलाया मेडल?

किस खेल में किसने दिलाया मेडल?

पहला मेडल- मीराबाई चानू

पहला मेडल भारत के लिए वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने भारत को दिलाया था। मीरबाई ने 49 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ वह वेटलिफ्टिंग में मेडल जीतने वाली भारत की दूसरी महिला हैं। इससे पहले 2000 के सिडनी ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी ने सिल्वर मेडल जीता था। मीराबाई ने 202 के कुल वजन के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। स्नैच में मीराबाई ने दूसरे प्रयास में 89 और क्लीन तथा जर्क में दूसरे प्रयास में 115 किलो वजन उठाया था।

दूसरा मेडल- पीवी सिंधु

दूसरा मेडल- पीवी सिंधु

स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने महिला सिंगल्स का ब्रॉन्ज मेडल जीता। सिंधु ने चीन की हे बिंगजियाओ को 21-13, 21-15 से हराकर ऐतिहासिक मेडल अपने नाम किया। सिंधु ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी हैं। उसने 2016 रियो में सिल्वर मेडल जीता था। वहीं पहलवान सुशील कुमार ने 2008 ओलंपिक में ब्राॅन्ज व 2012 के खेलों में सिल्वर मेडल जीता था।

तीसरा मेडल- लवलीना बोरगोहेन

तीसरा मेडल- लवलीना बोरगोहेन

69 किलो वर्ग में महिला मुक्केबाज लवलीना ने क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाकर ही अपना ब्राॅन्ज मेडल पक्का कर लिया था। सेमीफाइनल में उनका सामना मौजूदा विश्व चैम्पियन तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली से था, लेकिन 23 साल की लवलीना को बुसेनाज ने 5-0 से हरा दिया था। हालांकि ब्राॅन्ज लवलीना के नाम आ गया। लवलीना ओलंपिक में मेडल जीतने वाली भारत की तीसरी मुक्केबाज बनीं। उनसे पहले विजेंदर सिंह ( 2008 ) और एमसी मैरीकॉम (2012 ) मेडल जीत चुकी हैं।

चाैथा मेडल- रवि दहिया

चाैथा मेडल- रवि दहिया

भारत के लिए ओलंपिक का चाैथा मेडल पहलवान रवि दहिया ने दिलवाया। रवि ने 57 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। वह फाइनल में दूसरी वरीय रूस ओलंपिक समिति के पहलवान जावुर युगुऐव से 4-7 से हार गए थे। रवि ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले भारत के दूसरे पहलवान बने हैं। उनसे पहले सुशील कुमार ने 2012 के ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता था।

पांचवां मेडल- पुरुष हॉकी टीम

पांचवां मेडल- पुरुष हॉकी टीम

टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए पांचवां मेडल भारत की पुरुष हॉकी टीम दिलाया। ओलंपिक में यह हाॅकी टीम का 41 साल बाद मेडल आया था। भारत को इससे पहले 1980 के मॉस्को ओलंपिक में गोल्ड मेडल पर कब्जा किया था। भारत ने जर्मनी को 5-4 से हराकर यह मेडल अपने नाम किया था।

छठा मेडल- बजरंग पूनिया

छठा मेडल- बजरंग पूनिया

पहलवान बजरंग पूनिया ने भी कमाल कर दिया। वह सेमीफाइनल में तो हार गए, लेकिन ब्राॅन्ज मेडल के लिए हुए मैच में उन्होंने जबरदस्त खेल दिखाया। बजरंग ने कजाकिस्तान के डी नियाजबेको को 8-0 से हराकर ब्राॅन्ज मेडल अपने नाम किया। टोक्यो ओलंपिक में यह कुश्ती में भारत का दूसरा मेडल रहा।

सातवां मेडल- नीरज चोपड़ा

सातवां मेडल- नीरज चोपड़ा

जेवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। ओलंपिक में ट्रैक एंड फील्ड में भारत का यह पहला गोल्ड मेडल है। नीरज ने 87.58 का थ्रो किया। यह व्यक्तिगत रूप से दूसरा गोल्ड मेडल भी रहा। इससे पहले अभिनव विंद्रा ने 2008 के खेलों में निशानेबाजी में गोल्ड मेडल जीता था।

Story first published: Saturday, August 7, 2021, 18:40 [IST]
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