टोक्योः भारत की बॉक्सर लवलीना बोर्गोहिन ने वेल्टरवेट वर्ग बॉक्सिंग मुकाबले के क्वार्टर फाइनल में जीत दर्ज करने के बाद भारत के लिए कम से कम एक कांस्य पदक पक्का कर दिया है। उन्होंने इस जीत के बाद कहा है कि वह मोहम्मद अली को लंबे समय से फॉलो करती आई है और जब वे बॉक्सिंग में आई तो उन्होंने केवल मैरीकॉम का ही नाम सुना था।
मैरी कॉम भारत की महानतम महिला मुक्केबाज हैं, और हाल ही में उनका ओलंपिक में सफर समाप्त हुआ है लेकिन लवलीना की इस जीत ने भारतीय मुक्केबाजी को फिर से एक नई जान दे दी है। लवलीना ने कहा कि यह बहुत अच्छा है कि मेरी कॉम हम लोगों के साथ इन गेम्स में मौजूद हैं। उन्होंने बहुत संघर्ष किया है और मैं उनसे प्रेरणा लेती हूं।
भले ही भारत का कांस्य पदक बॉक्सिंग में पक्का हो गया हो लेकिन लवलीना का इरादा गोल्ड से कम पर नहीं है। इतना ही नहीं उनके लिए मेडल का मतलब केवल गोल्ड ही होता है। आज तक ऐसा कोई भी भारतीय मुक्केबाज नहीं है जो गोल्ड मेडल जीत पाया हो। यहां तक कि ओलंपिक इतिहास में भारत के लिए एकल स्पर्धा में गोल्ड लाना किसी भी खिलाड़ी के लिए दुर्लभतम बात है। अंतिम बार अभिवन बिंद्रा ने शूटिंग में ऐसा किया था।
इस समय वे सेमीफाइनल मुकाबले की तैयारी कर रहे हैं। लवलीना अपने लक्ष्य को बखूबी जानती हैं और वे कहती हैं कि वे अभी से किसी का धन्यवाद नहीं करना चाहती यह सब बातें तब करेंगे जब फाइनल मुकाबला हो जाएगा।
लवलीना ने जीत के बाद कहा था, "क्वार्टर फाइनल जीतने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है, अगला मेरा सेमीफाइनल है। मैं सेमीफाइनल में इससे बेहतर करने की कोशिश करूंगी, मैं भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करना चाहती हूं।"
4 अगस्त को सुबह 11 बजे वेल्टरवेट विश्व विजेता बुसेनाज सुरमेनेली के खिलाफ लवलीना का सेमीफाइनल मुकाबला होगा।