टोक्यो : भारतीय दल का टोक्यो पैरालंपिक में शानदार प्रदर्शन जारी है। सोमवार को 19 साल की अवनि लखेरा ने गोल्ड मेडल जीतते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में टोक्यो पैरालिंपिक में निशानेबाजी में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। लखेरा ने फाइनल में 249.6 के कुल स्कोर के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए गोल्ड मेडल जीता। टोक्यो पैरालंपिक खेलों में यह भारत का अब तक का चौथा पदक है।
चीन की झांग कुइपिंग ने 248.9 के स्कोर के साथ रियो 2016 में सिल्वर मेडल जीता, जबकि यूक्रेन की इरिना शेतनिक ने ब्राॅन्ज के लिए कुल 227.5 अंक हासिल किए।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अवनि को ट्वीट करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा, "अभूतपूर्व प्रदर्शन अवनि लखेरा। कड़ी मेहनत और अच्छी कमाई करने के लिए बधाई। आपके मेहनती स्वभाव और शूटिंग के प्रति जुनून के कारण संभव हुआ सोना। यह वास्तव में भारतीय खेलों के लिए एक विशेष क्षण है। आपके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
उन्होंने क्वालीफिकेशन राउंड में 621.7 के कुल स्कोर के साथ 7वें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। फाइनल में पहुंचने के लिए धीमी शुरुआत के बाद अवनी ने अच्छा कमबैक किया था। उसने क्वालीफिकेशन के अंतिम दौर में 104.1 स्कोर करने से पहले खेल में आने के अपने तीसरे और चौथे प्रयास में 104.9, 104.8 का अच्छा स्कोर दर्ज किया था।
बता दें कि राजस्थान के जयपुर से ताल्कुक रखने वाले अवनि लखेरा जब 11 साल की थीं तभी वो एक सड़क हादसे का शिकार हो गईं थी। इस एक्सीडेंट में उन्हें स्पाइनल कोर्ड इंजरी हुई। अवनि की वर्ल्ड रैंकिंग महिलाओं के 10 मीटर एयर स्टैंडिंग निशानेबाजी के SH1 इवेंट में 5वीं है। अवनि शूटिंग और आर्चरी दोनों में अपने हाथ आजमाए, लेकिन आखिर में उन्होंने शूटिंग को अपना करियर बनाया।