नई दिल्ली। आईपीएल 6 में हुई स्पॉट फिक्सिंग के दोषी पाये गये तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने ने बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति को लिखे गये अपने पत्र में कहा है कि मेरे खिलाफ किसी तरह की घूस लेने, इसकी मांग करने या पेश करने के संबंध में पुलिस के पास कोई साक्ष्य नहीं हैं। अत: पुलिस द्वारा मेरे खिलाफ तैयार की गई रिपोर्ट अनुमान पर आधारित है। मेरे लिए यह बेहद चिंताजनक है। श्रीसंत का कहना है कि पुलिस ने धमकी देकर, शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताडि़त कर बयान लिया।
श्रीसंत ने अपने पत्र में पुलिस पर आरोप लगाये कि उन्होने मेरे करीबियों को गिरफ्तार करने की धमकी दी थी, जिसके कारण मैंने स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने की बात स्वीकार की। गौर हो कि बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति जिसके प्रमुख रवि सवानी हैं, के द्वारा रिश्वत लेकर प्रति ओवर निर्धारित रन देने के आरोप में श्रीसंत पर क्रिकेट से आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया है।
श्रीसंत ने आजीवन प्रतिबंध लगाने के फैसले के बाद कहा है कि वह इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे क्योंकि बीसीसीआई सुप्रीम कोर्ट से बड़ा नहीं है। उनका मानना है कि उनके साथ न्याय होगा और वह एक बार फिर से क्रिकेट के मैदान पर वापसी कर सकेंगे।