विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप के सेमीफ़ाइनल में भारतीय मुक्केबाज़ विजेंदेर हार गए हैं. उन्हें काँस्य पदक से संतोष करना पड़ेगा.
इटली के मिलना शहर में चल रहे विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप का सेमीफ़ाइनल शुरू होने से पहले भारतीय मुक्केबाज़ विजेंदर सिंह ने कहा था कि इस बार वो कांस्य से संतोष नहीं करेंगे और आगे बढ़ेंगे.
लेकिन ऐसा हो नहीं सका. सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में उज़्बेकिस्तान के अतोएफ़ अबोस के ज़बरदस्त पंचों के आगे विजेंदर नहीं टिक पाए. अतोएफ़ ने 75 किलोग्राम वर्ग में सेमीफ़ाइनल मुक़ाबला 3-7 से जीत लिया और फ़ाइनल में पहुँच गए.
खेल की शुरुआत के पहले बाउट में विजेंदर जोश में दिखे और अपने प्रतिद्वंद्वी पर हावी होते दिखे लेकिन सटीक पंच न लगा पाने के कारण वो इन्हें अंकों में नहीं बदल सके.
दूसरे बाउट में उज़्बेक खिलाड़ी ने ज़बर्दस्त रणनीतिक कौशल का परिचय देते हुए अंक बटोरने के ज़्यादा से ज़्यादा मौके बनाए. इसी बाउट में परिणाम लगभग तय हो गया था. विजेंदर 4-1 से पिछड़ चुके थे.
इसके बाद विजेंदर ने वापसी की कोशिश की लेकिन अतोएफ़ ने लीड लेने के बाद सारा ध्यान अंक बचाने पर लगाया न कि प्रहार करने पर.
उनकी ये शैली कारगर साबित हुई और विजेंदर आख़िर बाउट तक महज तीन अंक बटोर सके जबकि उज़्बेक मुक्केबाज़ ने सात अंकों से निर्णायक लीड बना लिया. हालाँकि विजेंदर को हार के बावजूद काँस्य पदक मिलेगा.
पिछले साल ओलंपिक में विजेंदर ने भारत को मुक्केबाज़ी में कांस्य पदक दिलाया था. हाल ही में 23 वर्षीय विजेंदर को खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.