रियो डी जेनेरियो। भारत का ओलंपिक में पदक का अकाल खत्म हो चुका है। पहले साक्षी मलिक का कांस्य पदक जीतना और अब पीवी सिंधु के बैडमिंटन में पदक करने के साथ ही भारतीय खेलप्रेमियों के बेरंग हो चुके चेहरों पर रौनक लौट आई है। उनकी इस खुशी में एक और इजाफा हो गया है। Rio Badminton : पीवी सिंधु ने दुनिया की नंबर 3 खिलाड़ी को हराकर रजत पदक किया पक्का
दरअसल, भारतीय पहलवान और ओलंपिक में पदक के प्रबल दावेदार माने जाने वाले नरसिंह यादव को आखिरकार रियो ओलंपिक्स 2016 में भाग लेने की अनुमति मिल गई है।
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खबरों के मुताबिक, आज उनका वजन लिया जाएगा और फिर वह कल यानी 19 अगस्त से अपने ओलंपिक अभियान की शुरुआत कर सकेंगे। 74 किलोग्राम भारवर्ग में भाग लेने वाले नरसिंह की पहली बाउट शाम 6 बजकर 38 मिनट पर होगी।
गौरतलब है कि मिथेनडीएडोन के सेवन के आरोपों से घिरे नरसिंह को नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी यानी नाडा ने रियो ओलंपिक से पहले क्लीनचिट दी थी। इसे ओलंपिक के दौरान ही अचानक वाडा यानी वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) ने खारिज कर दिया था और 18 अगस्त को अंतिम फैसला लेने की बात कही थी।
मिथेनडीएडोन के सेवन के लिए नरसिंह को पॉजिटिव पाया गया था और तभी से उनके कॅरियर पर ग्रहण लगने के आसार नजर आने लगे थे। रियो ओलंपिक : भारत की बबीता कुमारी से कांस्य पदक की भी उम्मीद ख़त्म, नहीं खेल सकेंगी रेपचेज मुकाबला
लेकिन नरसिंह ने हार मानने की बजाय पुलस में शिकायत की और उनके खिलाफ साजिश करने में शामिल दो अन्य रेसलर्स के नाम दर्ज करने की अपील की। उनकी जगह पर परवीन राणा को रियो ओलंपिक में भेजे जाने की तैयार थी लेकिन फिर नाडा ने उन्हें निर्दोष पाया और क्लीनचिट दे दी।
WFI के एक अधिकारी ने कहा, 'यह एक ओपन एंड शट केस है, नरसिंह हमेशा से साफ़ थे, नाडा के देरी करने के कारण वाडा ने देरी से अपील की। इसलिए यह मामला बाउट के काफी करीब चला गया, लेकिन हमें भरोसा था कि नरसिंह को क्लीन चिट मिल जाएगी और ऐसा ही हुआ। इसलिए हमने उसे मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। हमारी कोशिश थी कि उसका ध्यान खेल पर बरकरार रहे और सब अच्छा हुआ।'