चीन। दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्या वाले देशों में शुमार भारत आखिर ओलंपिक पदक की रेस में इतना पीछे क्यों हैं। भले ही भारत के अंदर इस सवाल के जवाब खोजने की कोशिश न की गई हो। पर चीन के मीडिया ने इस सवाल पर अपने जवाब तैयार कर लिए हैं। चीन के मीडिया ने बताया कि आखिर वो कौन से कारण हैं कि भारत ओलपिंक में पदक नहीं जीत पा रहा है।
क्या है ओलंपिक में पदक न जीतने की वजह!
चीन के मीडिया के मुताबिक सुविधाओं की कमी का होना, खराब स्वास्थ्य, गरीबी, लड़कियों को खेलों में हिस्सा न लेने देना। लड़कों को सिर्फ इंजीनियर और डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित करना। अन्य खेलों को छोड़कर क्रिकेट के पीछे भागना और भारत की हॉकी में प्रतिष्ठा का न बनाए रख पाने के अलावा ग्रामीण इलाकों में ओलंपिक को लेकर कम जानकारी होना, ओलंपिक में भारत के खराब प्रदर्शन की प्रमुख वजह हैं। चीन का मीडिया अपने पाठकों को भारत के खराब प्रदर्शन की यही वजह अभी बता रहा है।
2012 में हुए ओलंपिक में भारत सिर्फ 6 पदक जीत पाया
Toutiao.com. पर लिखा गया है कि दुनिया में चीन के बाद भारत की आबादी सबसे ज्यादा है। पर ओलंपिक में मेडल जीतने के मामले में काफी पीछे है। वर्ष 2012 में हुए ओलंपिक में भारत सिर्फ 6 पदक जीत पाया था। उसमें भी एक भी गोल्ड मेडल नहीं था।
वहीं वर्ष 2004 एथेंस, वर्ष 2008 में बीजिंग और वर्ष 2012 लंदन ओलंपिक में भारत के पदकों की संख्या का आकलन किया जाए तो आबादी के हिसाब के भारत का स्थान पदक तालिका में एकदम अंतिम था।
भारत को यह सलाह दी गई
भारत में अमीर और गरीब व्यक्ति के बीच बढ़ती गरीबी के चलते यह दायरा और ज्यादा बढ़ता जा रहा है। चीन का मीडिया यह भी लिखता है कि भारत में खेल कल्चर न होने के कारण भी ओलंपिक में भारत को सफलता नहीं मिल रही है।
चीन के मीडिया ने आगे लिखा कि भारत में अधिकतर जनसंख्या लोअर कॉस्ट से आते हैं। उनको मुश्किल से ही शिक्षा और अच्छा खाना प्राप्त हो पाता है। अगर ग्रामीण इलाकों में ओलंपिक के बारे में ज्यादा से ज्यादा सूचनाएं पहुंचाई जा सके तो भारत ओलंपिक में शानदार सफलता हासिल कर सकता है। चाइनापॉलिटिक्स डॉट ओरजी पर लिखे लेख में भारत को यह सलाह दी गई है।