रियो डी जेनेरियो। भारत को पदक मिलने की उम्मीदों को उस वक्त झटका लगा जब महिला कुश्ती में पदक की प्रबल दावेदार मानी जाने वाली भारत की बबीता कुमार हार गईं। गुरुवार को महिला कुश्ती का वह अपना पहला ही मुकाबला हार गईं।
इस हार के साथ ही वह स्वर्ण या रजत पदक जीतने की रेस से बाहर हो गई थीं लेकिन कांस्य पदक की उम्मीदें फिर भी शेष थीं। लेकिन रेपचेज मुकाबले के लिए विरोधी महिला पहलवान मारिया प्रेवोलाराकी का फाइनल में पहुंचना जरूरी था, जो कि नहीं हुआ।
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मारिया की क्वॉर्टरफाइनल मुकाबले में हार के साथ ही बबीता को कांस्य मिलने की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया। इससे पहले प्री-क्वॉर्टरफाइनल मुकाबले में मारिया ने बबीता को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया था।
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ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता और विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता बबीता कुमारी से भी साक्षी मलिक की तरह कांस्य पदक जीतने की उम्मीदें थीं लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया।
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26 वर्षीय बबीता को मुकाबले में बेहतर वापसी करने के लिए जाना जाता है। अगर रेपचेज मुकाबला होता और उसके दोनों राउंड में भारतीय महिला पहलवान की किस्मत साथ देती तो यकीनन भारत को दूसरा पदक मिल जाता। साक्षी ने बुधवार को 58 किग्रा भारवर्ग में रेपचेज के जरिये ही कांस्य पदक जीता था।