
काैन है निशा दहिया?
निशा पानीपत के अदियाना गांव से हैं। उनका जन्म 10 अक्तूबर 1998 को हुआ था। निशा ने आखिरी हफ्ते बेलगेद्र में हुए रेसलिंग चैंपियनशिप में ब्राॅन्ज मेडल जीता था। उसने 65 किलोग्राम वर्ग में जर्मनी, यूएस व लेटवीया के खिलाड़ियों को हराते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। सेमीफाइनल में उसका मुकाबला यूक्रेन की खिलाड़ी के साथ हुआ था। निशा यह मैच हार गईं थी, लेकिन उसने ब्राॅन्ज मेडल अपने नाम कर लिया था। इस कामयाबी पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी थी। उन्होंने शिवानी, अंजू, दिव्या, राधिका और निशा को बेलग्रेड में रेसलिंग चैंपियनशिप में मेडल जीतने के लिए सराहा।

इंस्टाग्राम पर फेमस है निशा दहिया
सोशल मीडिया पर भी निशा काफी एक्टिव रहती हैं। इंस्टाग्राम अकाउंड पर वह आए दिन अपनी तस्वीरें शेयर करती रहीं। निशा के करीब 25 लाख फोलोअर्स हैं। उनकी तस्वीरें देख आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उनमें खेल के प्रति कितना जुनून है। जिम में पसीना बहाते, कुश्ती में हाथ आजमाते हुए उन्हें देखा जा सकता है। निशा 13 बार भारत केसरी रह चुकी हैं। फिलहाल निशा यूपी के गोंडा शहर में हैं, जहां वह एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हाथ आजमाएंगी। रोचक बात यह है कि निशा को एक साल हो गया घर गए हुए। उसने इस बार दिपावली भी घर में नहीं मनाई। निशा वेलगेद्र से 7 नवंबर को घर लाैटी थी, लेकिन वह घर नहीं गई, बल्कि रोहतक अखाड़े में गई थी।
जीता था 'गोल्ड'
निशा ने साल 2014 में श्रीनगर में हुई केडेट नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल किया था। फिर 2014 में निशा नेशनल चैंपियन बनीं। इसी साल उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मेडल जीता था। उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में 49 किलो वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। फिर इसके अगले साल उन्होंने 60 किलो ग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता और फिर 2015 में ही नेशनल चैंपियन बनी। इसके बाद निशा पर चार साल का बैन लग गया था। डोपिंग टेस्ट में फेल होने के कारण यह बैन लगा था, फिर 4 साल के बैन के बाद उन्होंने साल 2019 में अंडर23 नेशनल चैंपियनशिप जीतकर जोरदार वापसी की थी। जब निशा का बुरा वक्त आया था तो साक्षी मलिक ने उनका साथ दिया था।
निशा की अन्य उपलब्धियां-
- 13 बार भारत केसरी रह चुकी हैं।
- दो बार सीनियर नेशनल, दो बार जूनियर नेशनल व दो बार अंडर 23 नेशनल में जीत हासिल करते हुए नेशनल रेसलिग प्रतियोगिता में 6 गोल्ड मेडल जीते।
- आल इंडिया यूनिवर्सिटी में दो गोल्ड व जूनियर एशिया में ब्राॅन्ज व सिल्वर मेडल जीता।


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