नई दिल्ली। जब हौसले करतब दिखाने लगते हैं तो लोगों की जुबान पर इंसान के जुनून घर करने लगते हैं। बंदिशें, मजबूरियां और अड़चनें सिर्फ उन्हीं का रास्ता रोक सकती हैं जिन्होंने हालात से समझौता करना सीख लिया हो, लेकिन जिन्हें चुनौतियां स्वीकार करना और उनसे लड़ना आता है वो इतिहास रचकर एक नया प्रतिमान और नए विचार लोगों के मन में गढ़ते हैं। ऐसे ही एक हौसले की कहानी लिखी है इंडोनेशिया की धरती पर भारत की धाकड़ बेटी विनेश फोगाट ने, जिन्होंने विदेशी धरती पर जापान की पहलवान को पटखनी देकर भारत को सोना जिताया है। बता दें कि साल 2016, यही महीना था, तारीख थी 17 अगस्त का, जब करोड़ो लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के इरादे से विनेश फोगाट मैट पर उतरी थी, मुकाबला शुरू हुआ, लेकिन एक ही झटके में विनेश के साथ करोड़ो लोगों की उम्मीदें उनके चोट के साथ ही टूट गई थी। लेकिन भला चोट विनेश के हौसलों को कहां डिगा सकती थी, उन्होंने दोगुना उत्साह से तैयारी की और आज परिणाम आप सब के सामने है।
एक बात याद रखना बेटी @Phogat_Vinesh गोल्ड जीती तो मिसाल बन जाएगी ओर मिसालें दी जाती है भुलायी नहीं जाती। अपने देश का झंडा सबसे ऊपर लेके जाना है 🇮🇳 #goforgold 🥇#AsianGame2018 #vineshphogat #Vinesh pic.twitter.com/9OomYeNM8o
— Mahavir Phogat (@MahabirPhogat) August 20, 2018
Proud moment 🇮🇳👏🏼👏🏼😇
— geeta phogat (@geeta_phogat) August 20, 2018
छोटी बहन @Phogat_Vinesh ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल🥇जीत कर रचा इतिहास 👏🏼🙏बनी गोल्ड जीतने वाली पहली महिला पहलवान बहुत-१ बधाई🥇🇮🇳🙏😇 #proudsister pic.twitter.com/LGIJcJAqRS
बहन ने यूं जताई खुशीः यूं तो विनेश का लगभग सारा घर ही पहलवान है लेकिन विनेश ने जो इतिहास रचा है वो अब तक किसी भारतीय महिला पहलवान ने नहीं रचा है। इसी पर उनकी बड़ी बहन गीता जो कि खुद भी एक पहलवान हैं उन्होंने लिखा कि इंडोनेशिया में इतिहास रचने पर छोटी बहन को बहुत बहुत बधाई।