मैंने खुद को साबित कर दिया : सायना
सायना ने समाचार चैनल 'टाइम्स नाउ' से बातचीत के दौरान कहा कि एशियाई खेलों में पदक नहीं जीत पाने का उन्हें बेहद अफसोस है क्योंकि वह सही मायने में चीन में पदक जीत कर देश का नाम रोशन करना चाहती थी। इस लिहाज से उन पर खुद को साबित करने का दबाव था और अब खिताबी जीत के साथ वह उस दबाव पर जीत हासिल करने में सफल रही हैं।
एशियाई खेलों के क्वार्टर फाइनल में हारने वाली सायना ने कहा, "मैं खुश हूं कि मेरे लिए वर्ष का शानदार समापन हुआ है। मैं एशियाई खेलों में देश के लिए पदक जीतना चाहती थी लेकिन किस्मत मेरे साथ नहीं थी। उसके बाद मुझ पर खुद को साबित करने का दबाव था, जिसे मैंने पार कर लिया है।"
विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी सायना ने 2010 विश्व चैम्पियनशिप में खुद को हराने वाली वांग को तीन गेम तक चले मुकाबले के बाद 15-21, 21-16, 21-17 (2-1) से पराजित किया। इसके साथ सायना ने 2010 विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में मिली हार का भी हिसाब वांग से चुकता कर लिया।
सायना ने इस वर्ष अपना तीसरा सुपर सीरीज खिताब जीता। उन्होंने अपने करियर में कुल पांच खिताब, जिनमें चार सुपर सीरीज खिताब शामिल हैं। सायना ने इस वर्ष हांगकांग ओपन के अलावा इंडियन ओपन, सिंगापुर ओपन और इंडोनेशियन ओपन (दो बार) और राष्ट्रमंडल खेल के एकल मुकाबले में स्वर्ण पदक जीते हैं।
किसी भारतीय खिलाड़ी ने 28 वर्ष के बाद इस खिताब पर कब्जा किया है। इससे पहले 1982 में प्रकाश पादुकोण ने यह खिताब जीता था। इस लिहाज से सायना की यह जीत काफी मायने रखती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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