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एशियाड-2010 : सोमदेव ने जीता स्वर्ण, हेप्टाथलन और डिस्कस में मिले कांस्य (राउंडअप)

हेप्टाथलन में प्रमिला गणपति ने जहां तीसरा स्थान हासिल किया वहीं नई दिल्ली में अक्टूबर में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में डिस्कसथ्रो स्पर्धा का स्वर्ण जीतने वाली कृष्णा पूनिया को सिर्फ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

पुरुष हॉकी में भारत का स्वर्ण जीतने का सपना टूट गया। उसे मलेशिया ने सेमीफाइनल में 4-3 से पराजित किया। अब उसे कांस्य पदक के लिए दक्षिण कोरिया से भिड़ना है। एथलेटिक्स रिले में भारत के लिए अच्छी खबर है। महिला तथा पुरुष टीमें फाइनल में पहुंच गई हैं लेकिन साइकिलिंग में निराशा हाथ लगी। इसके अलावा पुरुष कबड्डी टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की।

सोमदेव ने रचा इतिहास :

भारत के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त एकल खिलाड़ी सोमदेव ने एकल मुकाबलों का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। सोमदेव एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

सोमवार को सनम सिंह के साथ पुरुषों के युगल मुकाबलों का स्वर्ण जीतने वाले सोमदेव ने मंगलवार को खिताबी मुकाबले में विश्व के 44वें वरीयता प्राप्त उज्बेकिस्तान के खिलाड़ी डेनिस इस्तोमिन को 6-1, 6-2 से पराजित कर भारत को सातवां स्वर्ण पदक दिलाया। यह मुकाबला एक घंटे 22 मिनट चला।

सोमेदेव के शानदार खेल की बदौलत भारत ने टेनिस में दूसरा स्वर्ण हासिल किया है। इसके अलावा टेनिस में भारत को दो कांस्य और एक रजत पदक प्राप्त हुआ है। सानिया मिर्जा ने एकल में कांस्य जीता था जबकि सोमदेव की अगुवाई में भारतीय पुरुष टीम को भी कांस्य प्राप्त हुआ था। इसके अलावा सानिया और विष्णु वर्धन की जोड़ी ने सोमवार को मिश्रित युगल वर्ग में रजत पदक जीता था।

सोमदेव सोमवार को एशियाई खेलों की टेनिस स्पर्धा के एकल मुकाबलों के फाइनल में पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी बने थे। इस लिहाज से उन्होंने सोमवार को ही कम से कम रजत पदक अपने नाम कर इतिहास रच दिया था। इससे पहले भारत को टेनिस एकल में तीन कांस्य प्राप्त हुए हैं।

1994 के हिरोशिमा एशियाई खेलों में लिएंडर पेस ने कांस्य जीता था जबकि 1998 के बैंकॉक एशियाई खेलों में महेश भूपति ने भी कांसा जीता था। इसके अलावा 1998 के बैंकॉक एशियाई खेलोंे में ही भारत के प्रह्लाद श्रीनाथ ने कांस्य पदक जीता था।

चीन में दो स्वर्ण जीतकर सोमदेव ने लिएंडर की बराबरी की। लिएंडर ने 2006 में कतर की राजधानी दोहा में आयोजित 15वें एशियाई खेलो में दो स्वर्ण हासिल किए थे। लिएंडर ने महेश भूपति के साथ युगल और सानिया के साथ मिश्रित युगल का स्वर्ण जीता था। सानिया ने दोहा में रजत पदक हासिल किया था जबकि महिला टीम को भी रजत प्राप्त हुआ था।

भारत के लिए यह मुकाम हासिल करना बेहद खास है क्योंकि उसके तीन सबसे बड़ी खिलाड़ी लिएंडर, भूपति और रोहन बोपन्ना इन दिनों वल्र्ड टूर में खेलने में व्यस्त हैं और इस कारण इन तीनों ने एशियाई खेलो में हिस्सा नहीं लिया।

तीन बड़े खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में टीम की अगुवाई कर रहे सोमदेव ने प्रेरणा का स्रोत बनते हुए न सिर्फ अपनी टीम को कांस्य दिलाया बल्कि युगल और एकल में स्वर्ण जीतकर अपेक्षा से अधिक बेहतर प्रदर्शन किया। महिला वर्ग में सानिया ने एकल में निराश किया लेकिन मिश्रित युगल में उनका तथा विष्णु का प्रयास सराहनीय रहा।

प्रमिला ने किया प्रभावित, जीता कांस्य :

एथलीट प्रमिला गणपति ने महिलाओं की हेप्टाथलन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। प्रमिला ने कुल 5415 अंकों के साथ इस स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया जबकि उज्बेकिस्तान की यूलिया तारासोवा ने 5783 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता।

जापान की युकी नाकाता को 5606 अंकों के साथ रजत मिला। भारत की एक अन्य एथलीट सुष्मिता सिंहरॉय ने 5051 अंकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया।

इस स्पर्धा में कुल सात खेल शामिल होते हैं। इसमें एक खिलाड़ी को 100 मीटर बाधा दौड़, ऊंची कूद, शॉट पुट, 200 मीटर दौड़, लम्बी कूद, भाला फेंक और 800 मीटर दौड़ में अपनी बादशाहत कायम करनी होती है।

सभी खेलों की समाप्ति के बाद उनसे जुटाए गए अंकों और सभी खेलों को पूरा करने के लिए तय समय के आधार पर विजेता का नाम तय होता है।

पूनिया को कांस्य से करना पड़ा संतोष :

राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतकर इतिहास रचने वाली पूनिया को डिस्कसथ्रो स्पर्धा में कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। पूनिया ने फाइनल मुकाबले में 61.94 मीटर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

चीन की येनफेंग ली ने इस सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 66.18 मीटर तक चक्का फेंककर स्वर्ण जीता जबकि चीन की ही एमिन सांग ने 64.04 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया।

राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारत की हरवंत कौर चौथे स्थान पर रहीं। हरवंत ने 57.55 मीटर की अधिकतम दूरी नापी। हरवंत ने अपने दूसरे प्रयास में यह दूरी नापी जबकि पूनिया ने पहले ही दौर में 61 मीटर की बाधा पार की थी।

इसके बाद वह अपने प्रयास में सुधार नहीं कर सकीं। दूसरे प्रयास में पूनिया ने एक बार फिर 61 मीटर की बाधा पार की लेकिन उनका यह प्रयास पहले प्रयास को पार नहीं कर सका।

स्वर्ण जीतने वाली ली ने पहला प्रयास बेकार जाने के बाद दूसरे प्रयास में 66.18 मीटर की दूरी नापी थी। इसके आगे वह भी सुधार नहीं कर सकीं लेकिन सांग ने पहले प्रयास में 58.91 मीटर की दूरी नापने के बाद चौथे प्रयास में रजत हासिल करने वाली दूरी नापी।

हाथ आए मौके को भुना नहीं सके पहलवान दलाल :

कुश्ती के 120 किलोग्राम वर्ग मे धमेंद्र दलाल के पास कांस्य जीतने का मौका था लेकिन वह इस मौके को भुना नहीं सके। दलाल को इराक के अली सलमान ने 0-3 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। दलाल क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के नुमाखान तिनालियेव के हाथों 0-3 से हार गए थे। इसके बाद उन्होंने रिपैकेज मुकाबले में कम्बोडिया के चिविन चुम को 3-0 से हराकर तीसरे स्थान के लिए होने वाले मुकाबले में खेलने का अधिकार हासिल किया था।

तीरंदाज दीपिका कांस्य से चूकीं :

राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली भारत की युवा तीरंदाज दीपिका व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने से चूक गईं। सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की ओखी युन के हाथों 2-6 से हारने वाली दीपिका मंगलवार को तीसरे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में उत्तर कोरिया की तीरंदाज उन सिल क्वोन से इसी अंतर से पराजित हुईं।

सेमीफाइनल में दीपिका ने ओखी युन के खिलाफ शुरुआती दो सेट में हार मिलने के बाद तीसरे सेट में शानदार वापसी की थी लेकिन चौथे सेट में ओखी का अनुभव उन्हें जीत दिलाने में सहायक साबित हुआ।

दीपिका ने 1/16 इलिमिनेशन राउंड के मुकाबले में इराक की रैंड अल्मासादानी को 5-1 से पराजित किया। इसके बाद दीपिका ने क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की इर्विना साफित्री को 7-3 से हराया।

सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए दीपिका ने चीनी ताइपे की खिलाड़ी तिंग तान को 6-4 से मात दी। दीपिका ने अक्टूबर में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।

दूसरी ओर, भारत की एक अन्य तीरंदाज रिमिल बुरीयेली क्वार्टर फाइनल में हार गईं। रिमिल ने अपने पहले मुकाबले में ईरान की जेड. देगाजानाबनहवी को 4-0 से पराजित किया था।

दूसरे मुकाबले में वह चीनी ताइपे की खिलाड़ी या तिंग तान से 2-6 के अंतर से हार गईं। भारत की दिग्गज तीरंदाज डोला बनर्जी और बोम्बाल्या देवी इलिमिनेशन राउंड के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थीं।

भारत ने तीरंदाजी में अब तक दो कांस्य पदक जीते हैं। महिला टीम ने जहां रविवार को एक कांस्य पदक जीता था वहीं दूसरी ओर पुरुष टीम ने सोमवार को कांस्य हासिल किया था।

कबड्डी में पुरुषों का शानदार आगाज :

भारत ने कबड्डी में जीत हासिल की। भारत की पुरुष कबड्डी टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए ग्रुप-ए के अपने पहले मुकाबले में ईरान को 40-24 से पराजित कर दिया। पुरुष टीम लगातार छठी बार स्वर्ण पदक के लिए प्रयासरत है।

महिलाओं को भी अपने मुकाबले में जीत मिली। महिला टीम को नेपाल के खिलाफ वॉकओवर मिला। महिला टीम ने अपने पहले मुकाबले में बांग्लादेश को 34-20 से हराया था। महिला एवं पुरुष टीमों का अगला मुकाबला दक्षिण कोरिया के साथ होना है।

रिले टीमों ने जगाई पदक की उम्मीद :

भारत की महिलाओं की चार गुणा 100 मीटर, पुरुषों की चार गुणा 100 मीटर तथा चार गुणा 400 मीटर रिले टीमें फाइनल में पहुंच गई हैं।

चार गुणा 100 मीटर रिले महिला टीम ने पहली हीट में 45.44 सेकेंड समय के साथ तीसरे स्थान हासिल किया जबकि इस हीट में थाईलैंड की टीम 44.42 सेकेंड के साथ पहले स्थान पर रही। वियतनाम ने 45.12 सेकेंड के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।

पुरुषों की चार गुणा 400 मीटर रिले वर्ग के दूसरे हीट में भारतीय टीम तीन मिनट 7.00 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रही। जापान ने तीन मिनट 6.55 सेकेंड के साथ पहला और श्रीलंका ने तीन मिनट 7.52 सेकेंड के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

चार गुणा 100 मीटर के पहले हीट में भारत ने 39.62 सेकेंड के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और फाइनल में दौड़ने का अधिकार हासिल किया। चीनी ताइपे की टीम 39.34 सेकेंड के साथ पहला और हांगकांग ने 39.87 सेकेंड के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

साइकिलिंग के महिलाओं ने भारत को किया निराश :

साइकिलिंग के महिला व्यक्तिगत वर्ग में भी भारत को निराशा हाथ लगी। भारत की साइकिल चालक माहिता मोहन और पाना चौधरी ने व्यक्तिगत रोड रेस स्पर्धा में निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए क्रमश: 20वां और 26वां स्थान हासिल किया।

माहिता ने 100 किलोमीटर की दूरी दो घंटे 47 मिनट 51.71 सेकेंड में नापी जबकि पाना को यह दूरी नापने में दो घंटे 48 मिनट 41 सेकेंड का वक्त लगा।

चीनी ताइपे की मेई यू सियाओ ने दो घंटे 47 मिनट 46.12 सेकेंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया जबकि इंडोनेशिया की सान्तिया कुसुसमा दो घंटे 47 मिनट 46.52 सेकेंड समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।

साइकिलिंग स्पर्धा में भारत का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। सोमवार को उसके पुरुष खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत रेस में खराब प्रदर्शन किया था।

हॉकी टीम का सपना टूटा, कांस्य जीतने का प्रयास :

स्वर्ण पदक जीतकर 1986 का इतिहास दोहराने का भारत की पुरुष हॉकी टीम का सपना अधूरा रह गया। मंगलवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में मलेशिया ने उसे 4-3 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

निर्धारित समय तक दोनों टीमें 3-3 की बराबरी पर थीं। इसके बाद खेल अतिरिक्त समय तक खिंचा और यहीं मलेशिया ने 76वें मिनट में एक पेनाल्टी कार्नर हासिल किया। इस पेनाल्टी कार्नर को गोल्डन गोल में बदलकर रहीम मोहम्मद अमीन ने मलेशिया को फाइनल में पहुंचा दिया।

फाइनल में उसका सामना पाकिस्तान से होगा। पाकिस्तान ने मंगलवार को ही खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया को पेनाल्टी शूट आउट के जरिए 4-3 से पराजित किया। भारत और दक्षिण कोरिया को अब कांस्य पदक के लिए भिड़ना होगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Tuesday, November 23, 2010, 21:00 [IST]
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