मिस्र की पैरा पावरलिफ्टर, जो 1997 से प्रतिस्पर्धा कर रही हैं, ने पेरिस में 2024 के पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर अपनी नजरें टिका रखी हैं। उन्होंने 1995 में एक महिला पावरलिफ्टिंग चैंपियन के साथ एक रेडियो साक्षात्कार से प्रेरित होकर अपनी पावरलिफ्टिंग यात्रा शुरू की थी। मिस्र के लिए उनका पहला प्रदर्शन स्लोवाकिया में हुआ था।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2004 | Women's +82.5kg | S रजत |
| 2008 | Women's +82.5kg | B कांस्य |
| 2000 | Women's 67.5kg | B कांस्य |
| 2016 | +86kg | NoM |
उनके खेल करियर में मिस्र में राष्ट्रीय स्तर पर पैरा तैराकी में भाग लेना शामिल है। वह टेलीकॉम मिस्र के साथ प्रशिक्षण लेती हैं और उनका प्रशिक्षण आंद्रे आचेब्रे और हानी महमूद द्वारा दिया जाता है।
उनकी सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक 2014 में दुबई में विश्व चैंपियनशिप में +86 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतना है। इस आयोजन के दौरान चोट लगने के बावजूद, उन्होंने अपने खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखा।
उनके परिवार का उनके करियर पर महत्वपूर्ण प्रभाव रहा है। वह मिस्र के पैरा पावरलिफ्टर और कोच अहमद गोमा को भी अपना नायक मानती हैं।
2016 में, उन्हें खेल में उनके योगदान को मान्यता देते हुए मिस्र की राष्ट्रीय सम्मान सूची में शामिल किया गया था।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य पेरिस में 2024 के पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। पावरलिफ्टिंग के प्रति उनकी समर्पण और जुनून उन्हें इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।
एक रेडियो साक्षात्कार से प्रेरित एक कॉलेज की छात्रा से लेकर एक सफल एथलीट तक उनकी यात्रा कई आकांक्षी एथलीटों के लिए प्रेरणा का काम करती है। अपने परिवार और कोचों के निरंतर समर्थन के साथ, वह भविष्य के लिए अपनी महत्वाकांक्षाओं पर केंद्रित रहती हैं।