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Nazym Kyzaibay, ओलंपिक 2024

कजाखस्तान के अल्माटी की एक कुशल एथलीट, नाज़िम क़िज़ायबाई ने मुक्केबाज़ी की दुनिया में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने 2008 में कजाखस्तान के ज़ेटिगेन में कोच बोलत रकिमोव के मार्गदर्शन में अपनी यात्रा शुरू की। रकिमोव का मानना ​​था कि उनका रवैया और आंदोलन उन्हें इस खेल के लिए एक स्वाभाविक फिट बनाता है।

मुक्केबाज़ी
कजाखस्तान
जन्मतिथि: Sep 14, 1993
Nazym Kyzaibay profile image
निवास: Almaty
जन्म स्थान: Alma Ata
Social Media: Facebook Instagram
ओलंपिक अनुभव: 2024

Nazym Kyzaibay ओलंपिक मेडल

ओलंपिक मेडल

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Paris 2024 पदक

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Nazym Kyzaibay Biography

क़िज़ायबाई की मुक्केबाज़ी में रुचि रकिमोव के प्रोत्साहन से पैदा हुई। उनके परिवार उनके करियर में सबसे प्रभावशाली शक्ति रहे हैं। वह ब्रिटिश मुक्केबाज़ निकोला एडम्स और अमेरिकी मुक्केबाज़ क्लेरेसा शील्ड्स को अपने आदर्श के रूप में देखती हैं।

उपलब्धियाँ और मील के पत्थर

2014 में, क़िज़ायबाई कजाखस्तान की पहली महिला मुक्केबाज़ बनीं जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने यह उपलब्धि कोरिया गणराज्य के जेजू में आयोजित टूर्नामेंट में लाइट फ्लाईवेट वर्ग में हासिल की।

उनकी उपलब्धियों ने उन्हें कजाखस्तान में मानद खेल मास्टर का खिताब दिलाया है। यह मान्यता मुक्केबाज़ी में उनके समर्पण और कौशल का प्रमाण है।

व्यक्तिगत जीवन और रुचियाँ

मुक्केबाज़ी के अलावा, क़िज़ायबाई विभिन्न प्रकार के शौक का आनंद लेती हैं। इनमें मछली पकड़ना, पेंटिंग करना, बिलियर्ड खेलना, टेनिस, फुटबॉल और बास्केटबॉल शामिल हैं। वह अंग्रेजी, कजाख और रूसी भाषा में धाराप्रवाह हैं।

क़िज़ायबाई ने अल्माटी में कज़ाख एकेडमी ऑफ़ स्पोर्ट्स एंड टूरिज्म में कोचिंग में उच्च शिक्षा प्राप्त की। यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि खेलों में उनके व्यावहारिक अनुभव को पूरक बनाती है।

वर्तमान कोच और दर्शन

उनके वर्तमान निजी कोच डोल्कुन्ज़ान कमेकोव हैं। क़िज़ायबाई इस आदर्श वाक्य से जीती हैं: "हमें केवल आगे बढ़ना चाहिए, भले ही हम केवल रेंग ही क्यों न सकें!" यह दर्शन उनके दृढ़ संकल्प और लचीलेपन को दर्शाता है।

भविष्य की महत्वाकांक्षाएँ

आगे देखते हुए, क़िज़ायबाई का लक्ष्य विश्व चैंपियनशिप में अपना तीसरा स्वर्ण पदक जीतना है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करने पर अपनी नजरें लगाई हैं। ये लक्ष्य मुक्केबाज़ी में उत्कृष्टता के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता को उजागर करते हैं।

नाज़िम क़िज़ायबाई की ज़ेटिगेन से विश्व चैंपियन बनने की यात्रा समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रतीक है। उनकी कहानी कजाखस्तान और उससे आगे के कई आकांक्षी एथलीटों को प्रेरित करती रहती है।

ओलंपिक समाचार
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