भारोत्तोलन की दुनिया में, कुछ एथलीटों का सफ़र "ताव" नामक थाई भारोत्तोलक के सफ़र जितना आकर्षक नहीं होता है। थाईलैंड में जन्मी और पली-बढ़ी, उसने 15 साल की उम्र में चोनबुरी स्पोर्ट्स स्कूल में भारोत्तोलन करियर की शुरुआत की। छोटी दौड़ प्रतियोगिताओं में उसकी शुरुआती क्षमता ने उसके शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक को उसे भारोत्तोलन की कोशिश करने के लिए प्रोत्साहित किया।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Women's 58kg | S रजत |
| 2012 | Women's 58kg | S रजत |
सितंबर 2015 में, ताव को थायरॉयड बीमारी के कारण एक बड़ा झटका लगा जिसके कारण वह एक महीने के लिए बाहर हो गई। इसके बावजूद, उसने वापसी की और थाईलैंड में 2016 SIAMSPORT अवार्ड्स में वर्ष की सबसे उत्कृष्ट महिला एथलीट का खिताब जीता।
ताव ने रॉयल थाई सेना के साथ अपनी सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के लिए प्रतियोगिता से दो साल का ब्रेक लिया। वह 2018 में खेल में वापस आई, जिससे उसकी लचीलापन और समर्पण का प्रदर्शन हुआ। उसकी वापसी भारोत्तोलन के प्रति नए जोश और समर्पण के साथ हुई।
एक एथलीट के रूप में अपनी उपलब्धियों के अलावा, ताव ने थाई भारोत्तोलन टीम के कोच के रूप में भी इस खेल में योगदान दिया है। थाईलैंड में भारोत्तोलकों की अगली पीढ़ी को प्रशिक्षित करने में उसका अनुभव और ज्ञान अमूल्य रहा है।
ताव बैंकॉक, थाईलैंड में अपने बेटे के साथ रहती है। वह थाई भाषा में धाराप्रवाह है और अपने खाली समय में यात्रा करना पसंद करती है। अमेरिकी तैराक माइकल फेल्प्स के प्रति उसकी प्रशंसा खेल में उत्कृष्टता और समर्पण के प्रति उसकी सराहना को दर्शाती है।
आगे देखते हुए, ताव का लक्ष्य युवा एथलीटों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के माध्यम से भारोत्तोलन के खेल में योगदान देना जारी रखना है। एक युवा लड़की से एक सफल एथलीट और कोच तक का उसका सफ़र कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
ताव की कहानी दृढ़ संकल्प, समर्पण और भारोत्तोलन के प्रति जुनून की है। उसके खेल में योगदान और उपलब्धियाँ आने वाले वर्षों तक याद रखी जाएँगी।