तुर्कमेनिस्तान के अश्गाबात की एथलीट और छात्रा पोलिना गुरेवा ने भारोत्तोलन में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने 2012 में इस खेल की शुरुआत की, अपने पिता, जो भारोत्तोलन में कोच थे, के प्रोत्साहन से जिम्नास्टिक से बदलाव किया। गुरेवा अश्गाबात स्कूल ऑफ सुप्रीम स्पोर्ट्स स्किल में कोच आर्टुर एमिरयान के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती हैं।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2021 | Women's 59kg | S रजत |
2020 में, गुरेवा ने टोक्यो ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीतकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस जीत ने उन्हें किसी भी खेल में ओलंपिक पदक जीतने वाली तुर्कमेनिस्तान की पहली एथलीट बना दिया। इस उपलब्धि ने उन्हें तुर्कमेनिस्तान में "ऑनरेड मास्टर ऑफ स्पोर्ट" का खिताब दिलाया।
गुरेवा अश्गाबात स्कूल ऑफ सुप्रीम स्पोर्ट्स स्किल में प्रशिक्षण लेती हैं। उनके कोच, आर्टुर एमिरयान, एक एथलीट के रूप में उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। कठोर प्रशिक्षण व्यवस्था ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण सफलता हासिल करने में मदद की है।
आगे देखते हुए, गुरेवा का लक्ष्य 2024 के पेरिस ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। यह लक्ष्य उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और भारोत्तोलन में तुर्कमेनिस्तान के लिए इतिहास रचने की उनकी इच्छा को दर्शाता है।
पोलिना गुरेवा का जिम्नास्टिक से भारोत्तोलन तक का सफर, उनके पिता के प्रोत्साहन और विशेषज्ञ कोचिंग से समर्थित, महत्वपूर्ण उपलब्धियों से चिह्नित रहा है। 2020 के टोक्यो ओलंपिक में उनका ऐतिहासिक रजत पदक उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है। जैसे ही वे पेरिस 2024 में स्वर्ण पदक के लिए अपनी निगाहें लगाती हैं, गुरेवा तुर्कमेनिस्तान और उसके बाहर के एथलीटों को प्रेरित करती रहती हैं।