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प्रीति पवार, ओलंपिक 2024

भारतीय मुक्केबाज़ प्रीति ने अपने करियर में महत्वपूर्ण प्रगति की है। 23 अक्टूबर 2003 को जन्मी, वह 170 सेमी लंबी हैं और महिलाओं की 54 किग्रा श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करती हैं। प्रीति की मुक्केबाजी में यात्रा 14 साल की उम्र में शुरू हुई, उनके पिता सोमवीर और उनके चाचा विनोद, एक मुक्केबाजी कोच, द्वारा प्रोत्साहित किया गया।

मुक्केबाज़ी
भारत
जन्मतिथि: Oct 23, 2003
Preeti Pawar profile image
निवास: Bhiwani
ओलंपिक अनुभव: 2024

प्रीति पवार ओलंपिक मेडल

ओलंपिक मेडल

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Paris 2024 पदक

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प्रीति पवार Biography

प्रीति की प्रारंभिक उपलब्धियों में 2020 और 2021 में क्रमशः खेलो इंडिया युवा खेलों में रजत और स्वर्ण पदक जीतना शामिल है। उन्होंने 2021 में युवा एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक भी हासिल किया। इन उपलब्धियों ने उनकी भावी सफलताओं के लिए एक मजबूत नींव रखी।

यादगार पल

प्रीति के सबसे यादगार क्षणों में से एक 2023 विश्व चैंपियनशिप के 32 के दौर में आया था। उन्होंने 2022 की रजत पदक विजेता और टूर्नामेंट की शीर्ष सीड लॅक्रॅमियोरा पेरिजॉक को हराया। प्रीति ने इस जीत को अपने जीवन का सबसे खुशी का पल बताया, जिससे उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा।

एशियाई खेलों की सफलता

प्रीति ने चीन के हांग्जो में आयोजित 2023 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में कज़ाकिस्तान की ज़ैना शेकरबेकोवा को हराकर पेरिस 2024 के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया। हालांकि वह सेमीफाइनल में चीन की चांग युआन से हार गईं, लेकिन उनका प्रदर्शन सराहनीय था।

वरिष्ठ पदार्पण

प्रीति ने 2022 एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में 57 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतकर अपना वरिष्ठ पदार्पण किया। इस उपलब्धि ने उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बनाया, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी क्षमता को दर्शाता है।

प्रेरणाएँ और दर्शन

प्रीति को 2016 में रियो ओलंपिक में भारतीय पहलवान साक्षी मलिक के कांस्य पदक और जैव चित्रात्मक खेल फिल्म दंगल से प्रेरणा मिली। उनका दर्शन सरल लेकिन गहरा है: "महत्वपूर्ण नहीं है कि आप कितने समय से हैं; यह कड़ी मेहनत है जो मायने रखती है।"

शिक्षा और प्रशिक्षण

प्रीति वर्तमान में भारत के फगवाड़ा में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा में बीएससी कर रही हैं। वह बन्नीहट्टी में इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट में अपने निजी कोच जॉन वॉरबर्टन, ग्रेट ब्रिटेन के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती हैं।

भविष्य की आकांक्षाएँ

आगे देखते हुए, प्रीति का लक्ष्य पेरिस 2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को गौरवान्वित करना है। उनकी समर्पण और कड़ी मेहनत उनकी अब तक की उपलब्धियों में स्पष्ट है, और वह अपने लक्ष्यों पर केंद्रित हैं।

मान्यता

2023 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने के बाद, प्रीति ने भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मोदी ने उनके प्रदर्शन को उनकी निरंतरता, समर्पण और हार न मानने के दृष्टिकोण का प्रमाण बताया।

प्रीति की एक अनिच्छुक शुरुआत से एक कुशल मुक्केबाज तक की यात्रा प्रेरणादायक है। उनकी कहानी दृढ़ संकल्प और लचीलेपन को दर्शाती है, ऐसे गुण जो निश्चित रूप से उनकी भावी सफलताओं को प्रेरित करेंगे।

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