एथलेटिक्स की दुनिया में, कुछ नाम उतने मजबूत ढंग से नहीं गूंजते जितना उस एथलीट का, जिसने 1995 में बोरजोमी में अपनी यात्रा शुरू की थी। कोच अकाकी चचुआ और बेगी दरचिया के मार्गदर्शन में, इस एथलीट ने अपने खेल में एक महत्वपूर्ण उपस्थिति बनाई है।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2012 | Men 60kg | S रजत |
कोच अकाकी चचुआ और बेगी दरचिया ने उनके करियर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके विशेषज्ञता और मार्गदर्शन एक एथलीट के रूप में उनके विकास में महत्वपूर्ण रहे हैं। इन संरक्षकों द्वारा प्रदान की गई राष्ट्रीय स्तर की कोचिंग उनकी सफलता के लिए महत्वपूर्ण रही है।
जुलाई 2024 तक, एथलीट उच्च स्तर पर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा करना जारी रखता है। खेल के प्रति उनकी समर्पण मजबूत बना हुआ है, और वह नए मील के पत्थर हासिल करने के लिए केंद्रित है। उनके कोचों का समर्थन उनकी निरंतर सफलता में एक महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है।
बोरजोमी से राष्ट्रीय मंच तक एथलीट की यात्रा उनकी कड़ी मेहनत और उनके कोचों के समर्थन का प्रमाण है। जैसे ही वह प्रतिस्पर्धा करना जारी रखता है, उसकी कहानी हर जगह आकांक्षी एथलीटों के लिए प्रेरणा का काम करती है।