24 साल की उम्र में, ईरान के फ़ारस प्रांत के एक एथलीट ने पैरा एथलेटिक्स में अपनी यात्रा शुरू की। वह फ़ारसी बोलता है और उसे कोच बहमन रेज़ाई, मोहम्मद अल्वानपुर और अब्दोल्लाह जमशदी ने मार्गदर्शन दिया है। उनका दर्शन स्पष्ट है: "ज़िंदगी में अच्छे दिन बनाने पड़ते हैं, उनकी प्रतीक्षा करना सबसे व्यर्थ काम है।"

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2020 | Shot Put - F35 | 4 |
बहमन रेज़ाई, मोहम्मद अल्वानपुर और अब्दोल्लाह जमशदी उनकी प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। प्रत्येक कोच अपनी अनूठी विशेषज्ञता टेबल पर लाता है, जिससे उन्हें अपने कौशल और रणनीतियों को परिष्कृत करने में मदद मिलती है। उनके संयुक्त प्रयासों ने उनकी उपलब्धियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उनका मार्गदर्शक सिद्धांत अच्छे दिनों की प्रतीक्षा करने के बजाय उन्हें बनाने के लिए सक्रिय कदम उठाने के बारे में है। इस मानसिकता ने उन्हें चुनौतियों से आगे बढ़ने और हर प्रतियोगिता में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया है।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य पैरा एथलेटिक्स में अपने प्रदर्शन में सुधार करना और नए मील के पत्थर हासिल करना है। उनकी समर्पण और उनकी कोचिंग टीम का समर्थन उनकी भविष्य की सफलता में प्रमुख कारक होंगे।
यह एथलीट की यात्रा दृढ़ संकल्प की शक्ति और एक मजबूत समर्थन प्रणाली होने के महत्व का प्रमाण है। जैसे-जैसे वह प्रतिस्पर्धा करते रहते हैं और बढ़ते रहते हैं, उनकी कहानी पैरा एथलेटिक्स के क्षेत्र में कई अन्य लोगों को प्रेरित करेगी।