टेबल टेनिस की दुनिया में, कुछ ही एथलीटों ने इस कोरियाई खिलाड़ी की लचीलापन और समर्पण दिखाया है। 2006 में अपनी यात्रा शुरू करते हुए, वह 2011 में अपने परिवार के साथ मोक्पो से ग्वांगजू चली गईं ताकि कोच चो जै-क्वान के तहत प्रशिक्षण ले सकें। उनके पिता ने उनकी पुनर्वास के हिस्से के रूप में टेबल टेनिस का सुझाव दिया, और यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2020 | Singles - Classes 1-2 | S रजत |
| 2020 | Women's Team Class 1-3 | S रजत |
| 2016 | Singles - Classes 1-2 | S रजत |
| 2016 | Women's Team Class 1-3 | B कांस्य |
अपने पूरे करियर के दौरान, उन्हें कई चोटों का सामना करना पड़ा, जिसमें रोटेटर कफ और कंधे के लिगामेंट की समस्याएँ, साथ ही दाहिने हाथ की कलाई में चोट भी शामिल है। इन चोटों ने उनके संकल्प की परीक्षा ली है लेकिन टेबल टेनिस में उत्कृष्टता हासिल करने से उन्हें विचलित नहीं किया है।
उनके सबसे यादगार क्षणों में से एक 2015 में आया जब उन्होंने अम्मान, जॉर्डन में एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। यह जीत उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।
2016 में, उन्हें कोरिया गणराज्य में एमबीएन महिला खेल पुरस्कारों में फेयर प्ले अवार्ड मिला। यह पहचान न केवल उनके कौशल बल्कि कोर्ट पर उनके खेलभावना और निष्पक्ष खेल को भी उजागर करती है।
उनका व्यक्तिगत दर्शन सरल लेकिन गहरा है: "कोई पछतावा नहीं।" कोर्ट से दूर, उन्हें फिल्में देखना और अपनी कार धोना पसंद है। ये शौक उनके तीव्र प्रशिक्षण कार्यक्रम को संतुलन प्रदान करते हैं।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य पेरिस में 2024 के पैरालंपिक खेलों में कई स्वर्ण पदक जीतना है। यह लक्ष्य उनके दैनिक प्रयासों को प्रेरित करता है और उन्हें अपने खेल में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने पर केंद्रित रखता है।
जैसे ही वह प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा करना जारी रखती हैं, यह एथलीट टेबल टेनिस में एक प्रमुख व्यक्ति बनी हुई है। पुनर्वास से लेकर एक शीर्ष खिलाड़ी बनने तक उनकी यात्रा प्रेरणादायक है। निरंतर समर्पण के साथ, उनका लक्ष्य भविष्य में और भी बड़ी सफलताएँ हासिल करना है।