2006 में, यानताई, चीन की एक एथलीट ने तलवारबाजी की दुनिया में कदम रखा। कोच ज़ू झाओवेई के प्रोत्साहन और अपनी सेहत सुधारने की चाहत से प्रेरित होकर, वह शेडोंग प्रांत की टीम में शामिल हो गईं। उनकी बाईं हाथ की तकनीक और समर्पण ने उन्हें इस खेल में जल्दी ही अलग पहचान दिला दी।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2021 | Women's Individual Epee | G स्वर्ण |
| 2021 | Women's Team Epee | 4 |
| 2016 | Women's Team Epee | S रजत |
| 2016 | Women's Individual Epee | B कांस्य |
2020 टोक्यो ओलंपिक में व्यक्तिगत ईपीई में स्वर्ण पदक जीतकर, वह चीन की पहली महिला तलवारबाज बन गईं। इस उपलब्धि ने उन्हें 2014 में अंतरराष्ट्रीय स्तर की कुलीन एथलीट का खिताब दिलाया।
"तलवारबाजी देवी" के नाम से जानी जाने वाली इस एथलीट को खेल, वीडियो गेम और फैशन पसंद है। उनका आदर्श चीनी तैराक निंग ज़ेटाओ है। वह "राख से उठने वाले फीनिक्स की तरह उड़ान भरें" इस आदर्श वाक्य पर चलती हैं।
उनके करियर में कई चोटें आई हैं, जिनमें कंधे और घुटने की समस्याएँ शामिल हैं। 2020 के ओलंपिक में बाएं पैर में मांसपेशियों में खिंचाव के कारण, वह टीम प्रतियोगिता से हट गईं।
उनके छोटे भाई, सन जियायु, भी चीन में एक तलवारबाज हैं। यह पारिवारिक संबंध खेल के प्रति उनके समर्पण को और बढ़ाता है।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य 2024 के पेरिस ओलंपिक खेलों में पदक जीतना है। यह लक्ष्य तलवारबाजी के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता को प्रेरित करता है।
उन्होंने बीजिंग में 2022 शीतकालीन ओलंपिक के लिए मशाल रिले में भाग लिया। उनके पुरस्कार चीनी तलवारबाजी में उनके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाते हैं।
यानताई से ओलंपिक स्वर्ण तक की इस एथलीट की यात्रा उनकी लचीलापन और समर्पण को दर्शाती है। पेरिस 2024 की तैयारी करते हुए, उनकी कहानी खेल समुदाय के कई लोगों को प्रेरित करती रहती है।