2005 में, टेबल टेनिस की दुनिया में एक नई एथलीट का उदय हुआ। उन्होंने इस खेल में अपनी यात्रा शुरू की और जल्दी ही अपना नाम बना लिया। 2008 तक, वे पहले ही एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल कर चुकी थीं। वे कोरिया गणराज्य की पहली महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी बनीं जिन्होंने पैरालंपिक खेलों में पदक जीता।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2012 | Singles - Class 4 | B कांस्य |
| 2012 | Women's Team Class 4-5 | B कांस्य |
| 2008 | Singles - Class 4 | B कांस्य |
| 2008 | Women's Team Class 4-5 | 9 |
वह तीन बच्चों की माँ हैं और कोरियाई और मंदारिन दोनों भाषाएँ बोलती हैं। उनका परिवार उनके पूरे करियर में उनके लिए सहारे का स्रोत रहा है। विशेष रूप से उनकी माँ, उनकी यात्रा पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव रही हैं।
वह कोरिया गणराज्य में सोंगनाम सिटी हॉल का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनकी दाहिने हाथ से खेलने की शैली अपनी सटीकता और प्रभावशीलता के लिए जानी जाती है। वर्षों से, उन्होंने अपने कौशल को निखारा है और उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना जारी रखती हैं।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य उसी जुनून और दृढ़ संकल्प के साथ टेबल टेनिस में अपना करियर जारी रखना है। 2005 में खेल शुरू करने से लेकर ऐतिहासिक मील के पत्थर हासिल करने तक उनकी यात्रा कई आकांक्षी एथलीटों के लिए प्रेरणा का काम करती है।
उनकी कहानी दृढ़ता और समर्पण की है। जैसे-जैसे वे प्रतिस्पर्धा करना जारी रखती हैं, वे टेबल टेनिस में एक प्रमुख व्यक्ति बनी रहती हैं, अपने क्लब और देश का गर्व से प्रतिनिधित्व करती हैं।