शंघाई स्थित छात्रा और पूर्व प्रतियोगी तैराक, जिन्हें "चीनी महिला फेल्प्स" के रूप में जाना जाता है, ने तैराकी की दुनिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने अपने खेल की यात्रा छह साल की उम्र में शंघाई, चीन में शुरू की। उनकी समर्पण और प्रतिभा ने उन्हें 2006 में चीन का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू करने का मौका दिया।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Women's 4 x 100m Freestyle Relay | 9 |
| 2012 | Women 100m Freestyle | B कांस्य |
| 2012 | Women's 4 x 100m Freestyle Relay | 4 |
| 2012 | Women 4 x 100m Medley Relay | 5 |
| 2012 | Women 4 x 200m Freestyle Relay | 6 |
| 2008 | Women's 4 x 100m Freestyle Relay | 4 |
वह हमेशा चीनी तैराक वू पेंग की प्रशंसक रही हैं, जिन्होंने उनके हीरो और आदर्श के रूप में काम किया। उनका खेल दर्शन सरल है लेकिन गहरा है: "खुद बनो।" इस आदर्श ने उन्हें अपने करियर के उतार-चढ़ाव से गुजरने में मार्गदर्शन किया।
ओलंपिक सफलता के अलावा, उन्हें नानजिंग, चीन में 2014 युवा ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में मशालवाहक के रूप में सम्मानित किया गया। इस भूमिका ने खेल समुदाय में उनके महत्व को उजागर किया।
उन्होंने 2017 में प्रतियोगी तैराकी से संन्यास ले लिया। तब से, उन्होंने शंघाई के टोंगजी विश्वविद्यालय में मार्केटिंग मैनेजमेंट में डिग्री हासिल करने के लिए अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है। मंदारिन में धाराप्रवाह, वह शंघाई में रहती हैं।
एक युवा तैराक से ओलंपिक पदक विजेता और अब एक छात्रा तक उनकी यात्रा प्रेरणादायक है। उनकी कहानी खेलों में कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए एक प्रमाण है।