अब कहां जाएंगे सानिया मिर्जा का मजाक उड़ाने वाले
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) सानिया मिर्जा, लिएंडर पेस और सुमित नागल के विंबलडन में इतिहास रचने से देश खुश है। देश को ऐसे खिलाड़ियों पर गर्व है, जो नई इबारतें लिख कर हमारा सिर गर्व से ऊंचा कर रहे हैं।
कमाल सानिया
वरिष्ठ लेखक मयंक सक्सेना कहते हैं कि जब सानिया मिर्ज़ा विम्बलडन जीतती है, तो सानिया मुस्लिम समाज की तरक्की का प्रतीक होती है। विरोधियों को जवाब होती है। सानिया चाहती तो एक और मुल्क की नागरिकता ले कर, वहां के लिए भी खेल सकती थी।
वह चाहती तो आराम की ज़िंदगी बसर कर सकती थी। सिर्फ प्रेम विवाह करने के कारण देश के लोगों ने तुम्हारे खिलाफ किस-किस तरह का दुष्प्रचार नहीं किया। सोनिया ने देश को दिया ईद तोहफ़ा। उसने उन लोगों को करारा तमाचा मारा जिन्होंने उसके एक पाकिस्तानी से शादी करने पर बवाल काटा था।
Pics: केवल टेनिस कोर्ट पर ही नहीं फैशन और एड वर्ल्ड में भी चलता है सानिया का सिक्का
खास रहा
भारत के लिए इस साल का विंबलडन बेहद खास रहा है। इन तीन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 घंटे में विंबलडन के तीन टाइटल जीते। रविवार को भारत के लिएंडर पेस और स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस की जोड़ी ने विंबलडन के मिक्स्ड डबल्स का खिताब जीता। इस दिन को और खास बनाया सुमित नागल ने। 17 साल के सुमित नागल इस टूर्नामेंट के जूनियर डबल्स चैम्पियन बने।
जीता टाइटल
इसके पहले सानिया मिर्जा और मार्टिना हिंगिस की जोड़ी ने शनिवार को वुमन्स डबल्स का टाइटल जीता था। 42 साल के पेस विंबलडन का यह टाइटल जीतने वाले सबसे उम्रदराज प्लेयर हैं।
बहरहाल, इस साल के विंबलडन को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। इसके साथ ही देश को टेनिस की दुनिया की एक संभावना नागल के रूप में मिल गई। यानी पेस के बाद भी देश के टेनिस का भविष्य सुरक्षित है।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
