Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block

आस्ट्रेलियाई मीडिया ने बीसीसीआई पर मढ़ा टेस्ट को 'मारने' का आरोप

आस्ट्रेलियाई मीडिया के मुताबिक भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्ट रैंकिंग के शीर्ष पर पहुंचने के बावजूद बीसीसीआई क्रिकेट के सबसे पुराने स्वरूप को बचाने के लिए कोई उपाय नहीं कर रहा है।

समाचार पत्र 'सिडनी मार्निग हेराल्ड' लिखता है, "भारतीय टीम टेस्ट रैंकिंग के शीर्ष पर पहुंच गई है लेकिन वहां का क्रिकेट बोर्ड टेस्ट मैचों को बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। ट्वेंटी-20 मैचों को पेशेवर रूप देकर बीसीसीआई टेस्ट मैचों को नुकसान पहुंचा रहा है।"

भारतीय टीम ने इस वर्ष छह टेस्ट मैच खेले हैं। मार्च में न्यूजीलैंड के साथ तीन मैचों की श्रृंखला के अलावा भारतीय टीम ने सात महीने के अंतराल के बाद श्रीलंका के साथ एक बार फिर तीन मैचों की श्रृंखला में हिस्सा लिया। इसी श्रृंखला को जीतकर वह आईसीसी की सर्वोच्च वरीय टेस्ट टीम बनी।

अगले वर्ष यह स्थिति और भी खराब हो जाएगी। अगले वर्ष जनवरी में भारतीय टीम को बांग्लादेश के साथ दो मैच खेलने हैं और फिर उसके हिस्से अनेकों एकदिवसीय और ट्वेंटी-20 मैच आने हैं। इसके बाद भारतीय टीम नवंबर में न्यूजीलैंड के साथ तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला खेलेगी।

आस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कारपोरेशन के मुताबिक, "अगर आप आईसीसी की फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) पर नजर डालें तो भारत के हिस्से बेहद कम टेस्ट मैच आते हैं। भारतीय टीम ऐसे वक्त में टेस्ट वरीयता क्रम के शीर्ष पर पहुंची है, जब उसे अगले दो साल में बहुत कम टेस्ट मैच खेलने हैं।"

'सिडनी मार्निग हेराल्ड' लिखता है कि आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका की टीमों को न चाहते हुए भी भारत में एकदिवसीय और ट्वेंटी-20 मैच खेलने पड़ रहे हैं। इससे क्रिकेट को नहीं बल्कि बीसीसीआई को लाभ हो रहा है। उसकी झोली लगातार भर रही है जबकि उसके आंगन में टेस्ट क्रिकेट मरता जा रहा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:27 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+