खेलों के आयोजन को लेकर फिर चिंता
अगले साल दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों पर निगरानी रखने वाले आयोग ने स्टेडियमों की तैयारी में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए कहा है कि अगर खेलों का सफल आयोजन करना है तो काम में तेज़ी लानी होगी.
समन्वय आयोग की तीन दिवसीय बैठक बुधवार को दिल्ली में समाप्त हुई.
बैठक की अध्यक्षता खेल महासंघ के कोषाध्यक्ष ऑस्टिन सीली कर रहे थे और इस बैठक की समाप्ति पर उन्होंने बयान जारी करके कहा, "पिछले दो महीनों में हुई प्रगति दिख रही है मगर खेलों के आयोजन में सिर्फ़ नौ ही महीने बचे हैं इसलिए काम की रफ़्तार न सिर्फ़ बरक़रार रहनी चाहिए, बल्कि बढ़नी चाहिए."
समिति ने चिंता जताई कि स्टेडियम का काम निर्धारित समय से पीछे चल रहा है.
सीली ने कहा कि अधिकतर मामलों में स्टेडियमों के निर्माण का काम तीन महीने आगे बढ़ाया गया और कुछ मामलों में तो स्टेडियम आयोजन समिति को जून से पहले तक नहीं दिए जा सकेंगे.
बयान में कहा गया है, "हम निर्माण में लगी एजेंसियों से अपील करते हैं कि वे ये सुनिश्चित करें कि अब और देर न हो अन्यथा आयोजन समिति के सामने मुश्किलें खड़ी हो जाएँगी और उससे खेलों की तैयारियों और खेलों पर भी असर पड़ सकता है."
सीली ने कहा, "आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी और पूरी दिल्ली की टीम की ओर से काफ़ी उत्साह और काम में जल्दी करने की चाह दिखी जो कि अच्छी बात है. ये स्पष्ट है कि अब सभी इस खेल को सफल बनाना चाहते हैं."
इस आयोग ने पिछले तीन दिन में तैयारियों का जो जायज़ा लिया है उसकी रिपोर्ट वह राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के अध्यक्ष माइकल फ़ेनेल को देगा. फ़ेनेल शुक्रवार को दिल्ली आ रहे हैं.
खेल महासंघ की अक्तूबर में दिल्ली में हुई महासभा में भारत को चेतावनी दी गई थी कि उसके सामने अभी चुनौतियों का पहाड़ है.
उसके बाद से कई बार खेलों के आयोजन को लेकर भारत सरकार और खेलों की आयोजन समिति ने विश्वास दिलाने की कोशिश की है कि सब कुछ समय से पूरा हो जाएगा.
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